याराजी और चित्रावेल की चोटों पर निजी संस्थानों से जवाब मांगेगा एएफआई: सूत्र

याराजी और चित्रावेल की चोटों पर निजी संस्थानों से जवाब मांगेगा एएफआई: सूत्र

याराजी और चित्रावेल की चोटों पर निजी संस्थानों से जवाब मांगेगा एएफआई: सूत्र
Modified Date: September 26, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: September 26, 2026 8:37 pm IST

… फिलेम दीपक सिंह …

नागोया, 26 सितंबर (भाषा) एशियाई खेलों में 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल के शनिवार को अपनी-अपनी स्पर्धाओं से हटने के बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) उन निजी संस्थाओं और प्रशिक्षकों से स्पष्टीकरण मांग सकता है, जिनके मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ी फिलहाल प्रशिक्षण ले रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एएफआई चोटों से जुड़े मामलों में जवाब मांगेगा। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी ज्योति और प्रवीण को अंतिम समय में फिटनेस मंजूरी मिलने के बाद 75 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया था। इससे पहले दोनों ने 10 सितंबर को नयी दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा नहीं लिया था। ज्योति घुटने में चोट और प्रवीण पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण प्रतियोगिता से दूर रहे थे। उस समय दोनों ने अपनी चोटों को मामूली बताया था। एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘ एएफआई चोट से जुड़े मामलों को लेकर उन निजी संस्थानों और प्रशिक्षकों से जवाब जरूर मांगेगा, जिनके साथ दोनों खिलाड़ी फिलहाल प्रशिक्षण ले रहे हैं।’’ बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में ज्योति महिला 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले वार्म-अप के दौरान दर्द महसूस कारण प्रतियोगिता से हट गयी। एक अधिकारी ने बताया कि पूरी तरह वार्म-अप करने के बाद उन्हें दर्द महसूस हुआ। ज्योति ने जुलाई 2025 में दाहिने घुटने में ‘एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट)’ की चोट की सर्जरी के बाद इसी वर्ष वापसी की थी। वहीं, प्रवीण ने त्रिकूद में अपना पहला प्रयास शुरू किया लेकिन उसे पूरा नहीं कर सके। वह पिंडली पकड़कर दर्द में प्रतियोगिता क्षेत्र से बाहर चले गए और बाद में उन्हें व्हीलचेयर से आयोजन स्थल से ले जाया गया। भारतीय टीम के एक कोच ने कहा कि चोट के कारण उन्हें प्रतियोगिता छोड़नी पड़ी। ज्योति ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में रजत, जबकि प्रवीण ने कांस्य पदक जीता था। भाषा आनन्द नमितानमिता


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