एएफआई इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ‘एसआरवाई जीन’ परीक्षण शुरू करेगा
एएफआई इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ‘एसआरवाई जीन’ परीक्षण शुरू करेगा
…फिलेम दीपक सिंह…
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) इस वर्ष से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ‘एसआरवाई जीन’ परीक्षण आयोजित करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिला वर्ग में केवल ‘बायोलॉजिकल’ महिलाएं ही प्रतिस्पर्धा करें। एएफआई की कार्यकारी परिषद (ईसी) ने अपनी हालिया बैठक में “अनुसंधान एवं विकास” के उद्देश्य से उभरते खिलाड़ियों का डीएनए परीक्षण कराने को भी मंजूरी दी, जिनका रिकॉर्ड गोपनीय रखा जाएगा। एएफआई ने एक परिपत्र में कहा, ‘‘ ईसी ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ‘एसआरवाई (लिंग निर्धारण) जीन’ परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने को सर्वसम्मति से मंजूरी दी है। इस बारे में विस्तृत विवरण बाद में जारी किया जाएगा,” यह परीक्षण मुख्य रूप से एसआरवाई जीन की उपस्थिति या अनुपस्थिति की पहचान के लिए किया जाता है जो भ्रूण विकास के दौरान पुरुष लिंग निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यकारी परिषद की बैठक 14 और 15 फरवरी को अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में आयोजित की गई थी। परिपत्र के मुताबिक, ‘‘ ईसी ने अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरते खिलाड़ियों का डीएनए परीक्षण कराने को भी मंजूरी दी है और एएफआई अपने कार्यालय में सभी अभिलेख गोपनीय रूप से सुरक्षित रखेगा।’’ एएफआई एक शीर्ष सूत्र ने ‘पीटीआई’ को बताया कि एसआरवाई परीक्षण इस वर्ष 24 से 28 जुलाई के बीच होने वाली राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय सीनियर चैंपियनशिप के दौरान, आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद, लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एक प्रतिष्ठित प्रयोगशाला का चयन करना है, परीक्षण शुल्क निर्धारित करना है आदि। इसलिए परीक्षण शुरू होने में कुछ महीने लग सकते हैं। लेकिन इसे राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय प्रतियोगिता के दौरान, या अधिकतम राष्ट्रीय ओपन के समय तक शुरू कर दिया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद अगले वर्ष से अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी यह परीक्षण शुरू किया जाएगा।” भारत में ‘एसआरवाई जीन’ परीक्षण पिछले वर्ष उन सभी महिला खिलाड़ियों के लिए लागू किया गया था जिन्होंने सितंबर में तोक्यो में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया था। इस संबंध में एएफआई ने 13 अगस्त को अपने सभी संबद्ध इकाइयों को अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नोटिस भेजा था। एएफआई ने अपने संचार में उल्लेख किया था कि वह विश्व एथलेटिक्स के निर्देश का पालन कर रहा है। विश्व एथलेटिक्स ने पिछले वर्ष 30 जुलाई को यह अनिवार्य कर दिया था कि विश्व चैंपियनशिप में महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की इच्छुक सभी खिलाड़ियों को जीवन में एक बार ‘एसआरवाई जीन’ परीक्षण कराना होगा जो जैविक लिंग निर्धारित करने का एक विश्वसनीय तरीका है। एएफआई की कार्यकारी परिषद ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, एएफआई की कार्यकारी परिषद ने दो ‘हाई परफॉर्मेंस’ निदेशक माइकल खमेल और कार्ल गुंटर लांगे की नियुक्ति को मंजूरी दी जो क्रमशः जूनियर और सीनियर वर्ग के लिए होंगे। एएफआई ने वार्षिक पुरस्कार समारोह आयोजित करने का भी निर्णय लिया। इसके साथ ही देश में विभिन्न अकादमियों को मान्यता देने का निर्णय लिया गया, ताकि खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उन्हें विभिन्न स्थानों पर मिल रही सुविधाओं की उचित निगरानी की जा सके। एएफआई की कार्यकारी परिषद ने 2027 में होने वाले विश्व एथलेटिक्स परिषद चुनावों पर भी चर्चा की और डॉ. अदिल सुमारीवाला को एक पद के लिए उम्मीदवार नामित किया। वह किस पद का चुनाव के लिए दावेदरी करेंगे इसपर अंतिम निर्णय अभी होना है। शीर्ष सूत्रों के अनुसार, चूंकि वे पहले से उपाध्यक्ष पद पर हैं, इसलिए वे उच्च पद के लिए प्रयास कर सकते हैं। चुनाव 11 से 19 सितंबर 2027 तक बीजिंग में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप से ठीक पहले होने वाली डब्ल्यूए कांग्रेस में होंगे। नए अध्यक्ष का चुनाव वर्तमान अध्यक्ष सेबास्टियन को के स्थान पर किया जाएगा जो तब तक अपने तीन-तीन चार वर्षीय कार्यकाल पूरे कर चुके होंगे। विश्व एथलेटिक्स चुनावों के लिए प्रचार अवधि एक मार्च 2026 से शुरू होगी और सभी नामांकन एक जून 2027 तक प्राप्त किए जाएंगे। भाषा आनन्द नमितानमिता

Facebook


