BREAKING NEWS
रिटायर्ड IAS हत्याकांड का संदिग्ध गिरफ्त से दूर

टी20 विश्व कप में एक और नाकामी के बाद भारतीय महिला टीम को करना होगा आत्ममंथन

टी20 विश्व कप में एक और नाकामी के बाद भारतीय महिला टीम को करना होगा आत्ममंथन

टी20 विश्व कप में एक और नाकामी के बाद भारतीय महिला टीम को करना होगा आत्ममंथन
Bhasha
Published: 29 Jun 2026 | 3:33 pmModified: 29 Jun 2026 | 3:33 pm

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) महिला टी20 विश्व कप में भारत के एक बार फिर नाकाम रहने के बाद कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर के भविष्य पर तो सवाल उठ ही रहे हैं और अब यह भी तय है कि टीम को आत्ममंथन करने की सख्त जरूरत है ।

छह बार की चैम्पियन आस्ट्रेलिया के हाथों रविवार को मिली छह विकेट से हार ने भारत की सेमीफाइनल खेलने की उम्मीदें तोड़ दी । टूर्नामेंट से पहले प्रबल दावेदारों में गिनी जा रही भारतीय टीम 50 ओवरों के विश्व कप वाला फॉर्म नहीं दोहरा सकी । टी20 विश्व कप में लगातार दूसरी बार हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत नॉकआउट में नहीं पहुंच सका जिससे इस प्रारूप में टीम की प्रगति को लेकर प्रश्न उठने लगे हैं ।

आस्ट्रेलिया से हारने के बाद कोच अमोल मजूमदार और हरमनप्रीत ने ‘पुनर्विचार’ शब्द का इस्तेमाल किया । लेकिन बात सिर्फ पुनर्विचार की नहीं बल्कि नये सिरे से टीम तैयार करने की भी है ।

भारत को वनडे विश्व कप दिलाने वाली कप्तान हरमनप्रीत के भविष्य को लेकर चर्चायें फिर होने लगी है । सैतीस वर्ष की हरमनप्रीत भारत की सबसे सफल टी20 कप्तान रही है लेकिन विश्व कप ऐसा मंच है जहां से तकदीरें बनती और बिगड़ती हैं ।

मजूमदार से हालांकि जब पूछा गया कि क्या हरमनप्रीत को कप्तान रहना चाहिये, तो उन्होंने कहा ,‘‘ यह चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है । लेकिन मेरा जवाब यही होगा कि हां ।’’

लेकिन इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता कि उनकी कप्तानी में भारत इंग्लैंड में तीनों विभागों में नाकाम रहा । टूर्नामेंट से पहले टीम संयोजन स्थिर नहीं था और बल्लेबाजी क्रम में बदलाव होता रहा । टी20 विश्व कप 2024 के बाद से हरमनप्रीत 24 पारियों में चार बार ही 50 के स्कोर से आगे बढ सकी है । उन्होंने रविवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार पारी खेली लेकिन टूर्नामेंट के बाकी मैचों में वह उतना योगदान नहीं दे सकी ।

टूर्नामेंट के दौरान भी तेज आक्रमण, मध्यक्रम के संयोजन और हरफनमौलाओं के विकल्प को लेकर सवालों के जवाब नहीं मिल सके ।

पांच ग्रुप मैचों में तेज आक्रमण में कई बदलाव किये गए । नंदनी शर्मा और क्रांति गौड़ ने तीन तीन मैच खेले जबकि रेणुका सिंह और अरूंधति रेड्डी को दो ही मैचों में उतारा गया । हरफनमौला तेज गेंदबाज अमनजोत कौर और आफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल की चोट ने मुश्किलें बढाई ।

बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने छह से कम की किफायत दर से 14 विकेट चटकाये । रेणुका जैसी अनुभवी गेंदबाज का पूरा इस्तेमाल नहीं करना भी समझ से परे रहा ।

बल्लेबाजी में बीच के ओवरों में रनगति बहुत ही कम रही । यास्तिका भाटिया और जेमिमा रौड्रिग्स ने निराश किया जिससे रिचा घोष और दीप्ति शर्मा पर दबाव बना । स्मृति मंधाना का स्ट्राइक रेट भी चिंता का विषय रहा । इसके अलावा भारत की फील्डिंग काफी लचर रही । भारतीय टीम ने पांच मैचों में दस कैच टपकाये और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मरियाने काप का कैच छोड़ना भारी पड़ा जिससे भारत को पराजय का सामना करना पड़ा ।

बांग्लादेश के खिलाफ भी पहले पांच ओवर में चार कैच छूटे ।

भाषा

मोना नमिता

नमिता

हमसे जुड़ें
FacebookTwitterInstagramMSNGoogle NewsYouTube

लेखक के बारे में

Web Title: टी20 विश्व कप में एक और नाकामी के बाद भारतीय महिला टीम को करना होगा आत्ममंथन

People also search for:Sports T20 Cup India Review