उम्र तो बस संख्या है, शमी भाई भारतीय टीम में वापसी के लिए प्रतिबद्ध दिखते हैं: इशान किशन

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उम्र तो बस संख्या है, शमी भाई भारतीय टीम में वापसी के लिए प्रतिबद्ध दिखते हैं: इशान किशन

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  • Publish Date - September 5, 2026 / 03:41 PM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 03:41 PM IST

चेन्नई, पांच सितंबर (भाषा) पूर्वी क्षेत्र के कप्तान इशान किशन ने शनिवार को यहां कहा कि अपना 100वां प्रथम श्रेणी मैच खेलने के लिए तैयार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के अंदर अभी भी पहले की तरह जोश बरकरार है और वह भारतीय टीम में वापसी के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं।

शमी ने मध्य क्षेत्र के खिलाफ सेमीफाइनल में पांच विकेट लेकर पूर्वी क्षेत्र को 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। फाइनल में उसका सामना दक्षिण क्षेत्र से होगा।

किशन ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं। वह इस खेल के दिग्गज हैं। जब से उन्होंने बंगाल के लिए खेलना शुरू किया है, तब से उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह विकेट लेते रहे हैं। वह अपना सब कुछ झोंक देते हैं। उन्होंने भारतीय टीम की तरफ से भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है उम्र तो बस एक संख्या है। अगर वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं तो उम्र मायने नहीं रखती। मैं शमी भाई की वो ललक देखता हूं। वह बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके टीम में होने से हमें आत्मविश्वास मिलता है।’’

शमी अभी 36 वर्ष के हैं और उनका करियर अवसान पर है, लेकिन किशन ने कहा कि वह कुछ अतिरिक्त ओवर करने के लिए तैयार रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘शमी भाई ने विकेट लेने के लिए अतिरिक्त ओवर मांगे थे। कप्तान के रूप में मुझे उनका यह रवैया बहुत अच्छा लगा। इससे कप्तान का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उनके अंदर अब भी भारतीय टीम की तरफ से खेलने की ललक है। वह फिर से भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं।’’

शमी ने भारत की तरफ से अपना आखिरी मैच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दुबई में खेला था।

दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा ने भी शमी की जमकर तारीफ की, लेकिन कहा कि उनकी टीम इस चतुर तेज गेंदबाज का सामना करने के लिए तैयार है।

तिलक ने कहा, ‘‘शमी भाई के खिलाफ खेलना हमारे लिए एक अच्छी चुनौती होगी। हमने पिछले मैच में देखा कि कैसे उन्होंने बल्लेबाजों को फंसाकर विकेट लिए। लेकिन हम उनका सामना करने के लिए तैयार हैं।’’

भाषा

पंत नमिता

नमिता