जापान में जगह की कमी के बीच ओसीए ने भारत समेत एनओसी को देर से नाम जोड़ने से बचने को कहा

जापान में जगह की कमी के बीच ओसीए ने भारत समेत एनओसी को देर से नाम जोड़ने से बचने को कहा

जापान में जगह की कमी के बीच ओसीए ने भारत समेत एनओसी को देर से नाम जोड़ने से बचने को कहा
Modified Date: August 26, 2026 / 03:53 pm IST
Published Date: August 26, 2026 3:53 pm IST

(पूनम मेहरा)

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) जापान द्वारा आगामी एशियाई खेलों में 15 हजार से अधिक प्रतिभागियों को ठहराने में असमर्थता जताए जाने के बाद एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने भारत समेत सभी राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों (एनओसी) को सलाह दी है कि वे देर से खिलाड़ियों के नाम जोड़ने का अनुरोध नहीं करें और अपने दल की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर रखें।

भारत ने 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 492 खिलाड़ियों को मंजूरी दी है। सहयोगी स्टाफ के दल की घोषणा अभी नहीं की गई है क्योंकि इसकी संख्या तय करने के लिए विचार-विमर्श जारी है।

ओसीए ने कहा कि पिछले महीने खिलाड़ियों के नामांकन की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद उसे कई सदस्य देशों से खिलाड़ियों के दल में देर से नाम जोड़ने के रोजाना कई आग्रह मिले हैं और उसने उनमें से कई अनुरोधों को स्वीकार भी किया है।

हालांकि स्थानीय आयोजकों द्वारा 15 हजार की सीमा से अधिक लोगों को ठहराने में असमर्थता जताए जाने के बाद अब ऐसे किसी और अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा। केवल चुने हुए खिलाड़ियों के स्थान पर दूसरे खिलाड़ियों को शामिल करने की अनुमति होगी।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘सहयोगी स्टाफ की सूची पर अभी काम चल रहा है क्योंकि कुछ महासंघों ने अपनी सिफारिशों में खेल विज्ञान विशेषज्ञों के नाम नहीं दिए हैं। सूची भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को वापस भेजी गई है और इसमें कुछ और दिन लगेंगे। लेकिन हां, एक परामर्श भी आया है जिसमें दल का आकार निर्धारित सीमा से अधिक नहीं रखने को कहा गया है।’’

सूत्र ने कहा, ‘‘सहयोगी स्टाफ की निर्धारित सीमा से अधिक लोगों को शामिल नहीं किया जा सकता। महासंघ छोटे दल के साथ भी कई लोगों को भेजना चाहते हैं लेकिन उन्हें संख्या कम करने और खिलाड़ियों की सहायता के लिए पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ सुनिश्चित करने को कहा गया है।’’

नियमों के अनुसार सहयोगी स्टाफ की संख्या कुल दल के 33 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। मौजूदा 492 खिलाड़ियों के आधार पर भारत सहयोगी स्टाफ के अधिकतम 162 सदस्यों को भेज सकता है जब तक कि ओसीए इस सीमा में ढील नहीं देता।

हालांकि ओसीए के परामर्श से स्पष्ट है कि आइची-नागोया में ठहरने की सीमित व्यवस्था को देखते हुए इसमें ढील मिलने की संभावना नहीं है।

ओसीए द्वारा खिलाड़ियों और अधिकारियों की मौजूदा संख्या 15 हजार के आंकड़े से ‘काफी अधिक’ होने की बात स्वीकार किए जाने के बाद स्थानीय आयोजकों ने भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों को संभालने में असमर्थता जताई है।

‘इनसाइड द गेम्स’ ने आइची प्रांत के गवर्नर हिदेआकी ओमुरा के हवाले से कहा, ‘‘हम इतने लोगों को ठहरा नहीं सकते। हमने मेजबान शहर समझौते में तय 15,000 लोगों की क्षमता के आधार पर व्यवस्था और बजट तैयार किया है। हमारे पास इससे अधिक लोगों को ठहराने के लिए जगह नहीं है इसलिए मुझे नहीं पता कि वे क्या करेंगे।’’

आइची प्रांत की राजधानी नागोया है जो जापान का चौथा सबसे बड़ा शहर है। इस क्षेत्र में क्रिकेट, तैराकी, हॉकी, कुश्ती और तीरंदाजी समेत 43 खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

भारत 35 खेलों में हिस्सा लेगा और उसके दल में सबसे अधिक 73 खिलाड़ी एथलेटिक्स के होंगे।

खेलों को पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव बनाने के बजाय कंटेनरनुमा झोपड़ियों और नागोया बंदरगाह पर खड़े किए जाने वाले एक क्रूज जहाज में खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की है।

जहाज में करीब पांच हजार खिलाड़ियों को ठहराए जाने की उम्मीद है जबकि 2,400 अन्य खिलाड़ियों को कंटेनरनुमा आवास में ठहराया जाएगा। आयोजकों की योजना इन सुविधाओं का खेलों के बाद आपदा के समय आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की है।

भाषा सुधीर पंत

पंत


लेखक के बारे में