अर्शदीप जानते हैं कि हम बड़ी तस्वीर को देखते हुए अलग-अलग संयोजन आजमा रहे हैं: मोर्कल

अर्शदीप जानते हैं कि हम बड़ी तस्वीर को देखते हुए अलग-अलग संयोजन आजमा रहे हैं: मोर्कल

अर्शदीप जानते हैं कि हम बड़ी तस्वीर को देखते हुए अलग-अलग संयोजन आजमा रहे हैं: मोर्कल
Modified Date: November 5, 2025 / 01:32 pm IST
Published Date: November 5, 2025 1:32 pm IST

कैरारा (गोल्ड कोस्ट), पांच नवंबर (भाषा) भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने बुधवार को कहा कि अर्शदीप सिंह को चयन मामलों में भले ही परेशानी का सामना करना पड़ा हो लेकिन यह तेज गेंदबाज इस बात को अच्छी तरह से समझता है कि टीम प्रबंधन बड़ी तस्वीर को देखते हुए अलग-अलग संयोजन आजमा रहा है।

अर्शदीप को होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अंतिम एकादश में शामिल किया गया था। उन्होंने शानदार वापसी की और वह मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए थे।

उन्हें पहले दो मैचों में अंतिम एकादश में नहीं चुना गया क्योंकि उन्हें और कुलदीप यादव को एक साथ नहीं खिलाया जा सकता और दुबई की परिस्थितियों के कारण सितंबर में एशिया कप में भी वे पहली पसंद नहीं थे। गौरतलब है कि अर्शदीप टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक विकेट लेने वाले एकमात्र भारतीय गेंदबाज़ हैं।

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मोर्कल ने गुरुवार को यहां होने वाले चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘अर्शदीप अनुभवी हैं और उन्हें पता है कि हम बड़ी तस्वीर को देख रहे हैं और अलग-अलग संयोजनों को आजमा रहे हैं। उन्हें पता है कि वह विश्वस्तरीय गेंदबाज हैं और उन्होंने पावरप्ले में अधिकतर विकेट लिए हैं।‘‘

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि वह टीम के लिए कितने अमूल्य खिलाड़ी है लेकिन हमें अन्य संयोजनों पर भी गौर करने की जरूरत है और वह इस बात को समझते हैं।’’

मोर्कल ने हालांकि स्वीकार किया कि अर्शदीप जैसी क्षमता वाले गेंदबाज के लिए यह आसान नहीं रहा है।

उन्होंने कहा,‘‘यह आसान काम नहीं है लेकिन कभी-कभी कड़े फैसले करने पड़ते हैं। हम बस उनसे यही कहते हैं कि वे कड़ी मेहनत करें और जब भी उन्हें मौका मिले, उसके लिए तैयार रहें। टी20 विश्व कप से पहले अब सीमित मैच ही बचे हैं।‘‘

मोर्कल ने कहा, ‘‘इसलिए, हमारे लिए यह देखना ज़रूरी है कि दबाव की परिस्थितियों में खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करते हैं। यह जानने के लिए अलग-अलग संयोजन आजमाना जरूरी है।’’

भाषा

पंत

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