एशियाई खेलों के कांस्य पदक ने और उपलब्धियां हासिल करने का विश्वास दिलाया : अभिषेक

एशियाई खेलों के कांस्य पदक ने और उपलब्धियां हासिल करने का विश्वास दिलाया : अभिषेक

एशियाई खेलों के कांस्य पदक ने और उपलब्धियां हासिल करने का विश्वास दिलाया : अभिषेक
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: May 8, 2021 11:43 am IST

नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) अपने करियर के शुरू में शौकिया निशानेबाज माने जाने वाले अभिषेक वर्मा ने कहा कि एशियाई खेल 2018 में जीते गये कांस्य पदक ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वह एक निशानेबाज के रूप में काफी कुछ हासिल कर सकते हैं।

तोक्यो ओलंपिक में जगह बना चुके 31 वर्षीय वर्मा ने जकार्ता में एशियाई खेल 2018 में 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता था जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला पदक भी था। इसके बाद उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया तथा 2019 में बीजिंग और रियो विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रैंकिंग में नंबर एक पर पहुंच गये।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा आयोजित किये वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में वर्मा ने कहा, ”मैंने 2015 में 27 साल की उम्र में निशानेबाजी शुरू की थी। लोग मुझे शौकिया निशानेबाज कहते थे लेकिन एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद मुझे लगा कि मैं कुछ खास कर सकता हूं। अब मैं ओलंपिक में खेलने जा रहा हूं।”

उन्होंने कहा, ”अब लोग मुझसे कहते हैं कि मैंने देर से शुरुआत की लेकिन मैंने कहा कि उम्र मायने नहीं रखती। कड़ी मेहनत से आप सफल हो सकते हैं। ”

वर्मा उस 15 सदस्यीय निशानेबाजी टीम का हिस्सा हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। टीम 11 मई को चार्टर्ड विमान से क्रोएशिया रवाना होगी जहां वह यूरोपीय चैंपियनशिप और संयुक्त विश्व कप में भाग लेगी। टीम वहीं से तोक्यो रवाना होगी जहां 23 जुलाई से ओलंपिक शुरू होंगे।

वर्मा ने कहा कि मार्च में दिल्ली विश्व कप के बाद वह उचित अभ्यास नहीं कर पाये हैं और इसलिए वह क्रोएशिया दौरे को लेकर उत्साहित हैं। वर्मा ने दिल्ली​ विश्व कप में कांस्य पदक जीता था।

उन्होंने कहा, ”मैं जगरेब जाने को लेकर खुश हूं। यहां स्थिति काफी मुश्किल है। विश्व कप (दिल्ली) के बाद मैं अपना अभ्यास जारी नहीं रख पाया था। इसलिए ​क्रोएशिया में मेरा ध्यान नियमित अभ्यास करने पर होगा।”

वर्मा ने कहा, ”क्रोएशिया में संयुक्त विश्व कप भी आयोजन किया जाना है। इससे भी अतिरिक्त फायदा होगा। ”

उन्होंने कहा कि वह कोविड—19 महामारी के कारण तोक्यो ओलंपिक को लेकर बनी अनिश्चितता को लेकर चिंतित नहीं हैं।

वर्मा ने कहा, ”मैं यह सोचकर अभ्यास कर रहा हूं कि ओलंपिक का आयोजन होगा। मेरा लक्ष्य प्रत्येक टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। इसके साथ ही मैं किसी भी तरह की परिस्थिति के लिये तैयार हूं। जैसे भी स्थिति होगी मुझे उसे आत्मसात करना होगा।”

भाषा

पंत आनन्द

आनन्द


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