इस विकेट पर आक्रमण ही सबसे अच्छा बचाव था: हार्दिक पंड्या

इस विकेट पर आक्रमण ही सबसे अच्छा बचाव था: हार्दिक पंड्या

इस विकेट पर आक्रमण ही सबसे अच्छा बचाव था: हार्दिक पंड्या
Modified Date: November 29, 2022 / 08:40 pm IST
Published Date: November 22, 2022 5:56 pm IST

नेपियर, 22 नवंबर (भाषा) भारतीय कप्तान हार्दिक पंड्या ने 18 गेंद पर नाबाद 30 रन बनाकर न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश से प्रभावित तीसरे एवं अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को टाई कराने में अहम भूमिका निभाने के बाद मंगलवार को यहां कहा कि इस विकेट पर आक्रमण ही सबसे अच्छा बचाव था।

भारत ने 161 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 2.5 ओवर में 21 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। पंड्या ने इसके बाद आक्रामक पारी खेली जिससे भारत ने बारिश आने तक चार विकेट पर 75 रन बनाए थे जोकि डकवर्थ लुईस पद्धति से बराबरी का स्कोर था। भारत में इस तरह से यह श्रृंखला 1-0 से जीती।

पंड्या ने मैच के बाद कहा, ‘‘ मैं पूरा मैच खेल कर जीत हासिल करना पसंद करता लेकिन ऐसा होता है। मुझे लगा कि इस विकेट पर आक्रमण ही सबसे अच्छा बचाव है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ हम जानते थे कि उनके पास किस तरह का गेंदबाजी आक्रमण है इसलिए 10 से 15 अतिरिक्त रन बनाना महत्वपूर्ण था भले ही हमने कुछ विकेट गंवा दिए थे।’’

पंड्या ने कहा,‘‘ इस तरह के मैचों में हमें कुछ खिलाड़ियों को आजमाने का मौका मिलता है लेकिन मौसम पर हमारा नियंत्रण नहीं है। अब मैं घर लौट जाऊंगा और कुछ समय अपने बेटे के साथ बिताऊंगा।’’

न्यूजीलैंड के कार्यवाहक कप्तान टिम साउदी ने स्वीकार किया उनकी टीम बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी लेकिन उन्होंने तीन विकेट जल्दी निकालने के लिए गेंदबाजों की प्रशंसा की।

साउदी ने कहा,‘‘ बल्लेबाजी में हमारा प्रदर्शन निराशाजनक रहा। हमने इसके बाद जल्दी-जल्दी विकेट लेने को लेकर बात की। हम जानते थे कि अगर हम शुरू में विकेट हासिल कर देते हैं तो फिर कुछ भी हो सकता है। दुर्भाग्य से बारिश आ गई।’’

मोहम्मद सिराज ने 17 रन देकर चार विकेट लिए और उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

सिराज ने कहा,‘‘ इस विकेट पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था और मैंने सही लेंथ से गेंद करने पर ध्यान दिया जिसका मुझे फायदा मिला। मैंने ऐसी गेंदबाजी करने के लिए विश्वकप के दौरान काफी अभ्यास किया था। मैंने अपनी रणनीति के अनुसार गेंदबाजी की।’’

भाषा पंत आनन्द

आनन्द


लेखक के बारे में