खिलाड़ियों के लिये पृथकवास में छूट चाहते हैं आस्ट्रेलियाई ओपन प्रमुख

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खिलाड़ियों के लिये पृथकवास में छूट चाहते हैं आस्ट्रेलियाई ओपन प्रमुख

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  • Publish Date - October 15, 2020 / 06:59 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:30 PM IST

मेलबर्न, 15 अक्टूबर (एपी) आस्ट्रेलियाई ओपन के मुख्य कार्यकारी क्रेग टिले 2021 में होने वाले इस पहले ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ियों के लिये 14 दिन तक होटल में पृथकवास पर रहने के नियम में छूट चाहते हैं।

टिले ने गुरुवार को कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आस्ट्रेलियाई ओपन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 से 31 जनवरी के बीच मेलबर्न पार्क में आयोजित किया जाएगा। उन्हें इससे एटीपी कप तथा ब्रिस्बेन, सिडनी और होबार्ट में भी टूर्नामेंटों के आयोजन की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि उन्हें आस्ट्रेलिया की प्रांतीय और फेडरल सरकारों से प्रांतीय सीमाएं खोलने तथा खिलाड़ियों को अभ्यास और खेल के लिये सीधे जैव सुरक्षित वातावरण में भेजने की मंजूरी मिलने की उम्मीद है जैसा कि हाल में यूएस ओपन और फ्रेंच ओपन के लिये किया गया था। खिलाड़ी इस दौरान आम जनता से अलग थलग रहेंगे।

टिले ने आस्ट्रेलियाई एसोसिएटेड प्रेस से कहा, ‘‘अगर किसी एक खिलाड़ी को सत्र शुरू होने से पहले दो सप्ताह तक होटल में रहना पड़े तो ऐसा नहीं होगा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप खिलाड़ियों को दो सप्ताह तक पृथकवास पर रहने और फिर ग्रैंडस्लैम में खेलने के लिये नहीं कह सकते हैं।’’

रोजर फेडरर और सेरेना विलियम्स आस्ट्रेलियाई ओपन में खेलने पर सहमति जता चुके हैं लेकिन टिले ने कहा कि अगर खिलाड़ियों को तैयारी का अच्छा मौका नहीं मिलता है तो वे टूर्नामेंट में भाग नहीं लेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह पूरी तरह से स्वीकार है कि विदेशों से आने वाले लोगों को दो सप्ताह तक पृथकवास पर रहना होगा लेकिन हम यह चाहते हैं कि हम पृथकवास जैसा वातावरण तैयार कर रहे हैं जहां खिलाड़ी इन दो सप्ताह में होटल से निकलकर कोर्ट पर अभ्यास के लिये जा सकते हैं और फिर सीधे वापस होटल लौट सकते हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों से अनुमति चाहिए। ’’

टिले ने यह भी संभावना जतायी कि अगर प्रांतीय सीमाएं नहीं खुलती हैं तो एटीपी कप और अन्य टूर्नामेंट को मेलबर्न में ही आयोजित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अभी कुछ भी संभव है। ’’

एपी

पंत

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