बीएआई ने घरेलू बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में बीडब्ल्यूएफ की नई स्कोरिंग प्रणाली लागू की

बीएआई ने घरेलू बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में बीडब्ल्यूएफ की नई स्कोरिंग प्रणाली लागू की

बीएआई ने घरेलू बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में बीडब्ल्यूएफ की नई स्कोरिंग प्रणाली लागू की
Modified Date: July 2, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: July 2, 2026 6:25 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू होने वाली नई अंक प्रणाली के लिए तैयार करने के उद्देश्य से घरेलू प्रतियोगिताओं में 15 अंकों के तीन गेम (3×15) की स्कोरिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।

नई प्रणाली के तहत पहला टूर्नामेंट योनेक्स-सनराइज अखिल भारतीय सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट होगा, जिसका आयोजन सात से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के क्षेत्रीय खेल केंद्र में किया जाएगा।

संशोधित नियमों के अनुसार मुकाबले पहले की तरह ‘बेस्ट-ऑफ-थ्री गेम्स’ के आधार पर खेले जाएंगे, लेकिन अब प्रत्येक गेम 21 अंकों के बजाय 15 अंकों का होगा। यदि स्कोर 14-14 से बराबर होता है तो जीत के लिए दो अंकों की बढ़त जरूरी होगी। हालांकि अधिकतम स्कोर 21 अंक तक रहेगा और 20-20 की स्थिति में अगला अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी गेम जीत जाएगा।

विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) इस नई प्रणाली को अगले वर्ष जनवरी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू करेगा। माना जा रहा है कि इससे मुकाबलों की गति और तीव्रता बढ़ेगी, खेल में तेजी से उतार-चढ़ाव आएंगे तथा खिलाड़ियों की रणनीतिक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की योग्यता की अधिक परीक्षा होगी।

बीएआई के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा, “यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी नई स्कोरिंग प्रणाली से पहले ही परिचित हो जाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे अपनाए जाने के समय उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।”

नई व्यवस्था के तहत मैच संचालन से जुड़े कुछ नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब मध्यांतर तब होगा जब किसी खिलाड़ी या जोड़ी के आठ अंक हो जाएंगे। तीसरे गेम में कोर्ट बदलने के साथ 60 सेकंड का ब्रेक मिलेगा, जबकि दो गेमों के बीच मिलने वाला 120 सेकंड का अंतराल पहले की तरह जारी रहेगा। पिछले गेम का विजेता अगले गेम में पहली सर्विस करेगा।

नई अंक प्रणाली अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स वर्ग की सभी क्षेत्रीय चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग प्रतियोगिताओं तथा अंडर-11 से लेकर सीनियर और मास्टर्स वर्ग तक की सभी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में लागू होगी।

भाषा आनन्द मोना

मोना


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