कोहली के साथ बल्लेबाजी करने से पारी को संवारने की कला समझने में मदद मिली: पडिक्कल
कोहली के साथ बल्लेबाजी करने से पारी को संवारने की कला समझने में मदद मिली: पडिक्कल
बेंगलुरु, 22 मई (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का कहना है कि अपने पहले आईपीएल सत्र में विराट कोहली के साथ पारी का आगाज करने से उन्हें पारी को संवारने की कला समझने में मदद मिली और यह एक ऐसी सीख है जो टी20 क्रिकेट में उनके खेलने के अंदाज को आकार दे रही है।
पडिक्कल ने 2020 आईपीएल में आरसीबी के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि कोहली को करीब से खेलते हुए देखने से उन्हें अपने करियर की शुरुआत में ही बहुत अहम सीख मिली।
‘जियो स्टार’ पर एक बातचीत के दौरान पडिक्कल ने कहा, ‘‘जब मैंने 2020 सत्र में आरसीबी के साथ अपना आईपीएल पदार्पण किया, तो मुझे लगा कि मैं तैयार हूं। घरेलू क्रिकेट में मेरे स्कोर का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘और खेल के महानतम खिलाड़ियों से एक विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करना मेरे लिए बहुत मददगार साबित हुआ। उस उम्र में, उन्हें पारी को आगे बढ़ाते हुए देखने से मुझे बहुत ज्यादा स्पष्टता मिली और मैं समझ पाया कि एक अच्छी पारी कैसे खेली जाती है। इससे मेरे खेल में काफी सुधार हुआ। ’’
कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ उनके बाद के अनुभवों ने खेल के प्रति उनकी समझ को और भी ज्यादा बढ़ाया जहां उन्होंने अलग-अलग नंबर पर बल्लेबाजी की।
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ सलामी बल्लेबाज के तौर पर खेलने से हटकर, बल्लेबाजी क्रम में नीचे अलग-अलग नंबरों पर बल्लेबाजी करना काफी चुनौतीपूर्ण था, और वो भी इतनी कम उम्र में। लेकिन राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ मिले उन अनुभवों ने ही मुझे आज का खिलाड़ी बनाया है। ’’
पडिक्कल ने कहा, ‘‘अलग-अलग नंबर पर बल्लेबाजी करने से मैंने सीखा कि परिस्थितियों को कैसे समझना है, दबाव में रहते हुए भी पारी को कैसे आगे बढ़ाना है, और अपने खेल में कैसे बदलाव करना है। ’’
उन्होंने स्वीकार किया कि 2024 का आईपीएल सत्र उनके लिए मानसिक तौर पर काफी मुश्किल भरा रहा, लेकिन उन्होंने कहा कि मुश्किलों भरा वह दौर ही आगे चलकर उनके करियर का एक अहम मोड़ साबित हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘2024 का आईपीएल सत्र मेरे लिए काफी कठिन रहा। किसी मुश्किल सत्र के बाद फिर से वापसी करना कभी भी आसान नहीं होता। उस सत्र के दौरान मेरे दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। ’’
पडिक्कल ने कहा, ‘‘आपको उस मुश्किल दौर से गुजरना ही पड़ता है, उसे स्वीकार करना होता है, और यह समझना होता है कि आप उससे बेहतर खिलाड़ी बनकर कैसे बाहर निकल सकते हैं। जब वह सत्र खत्म हुआ, तो मुझे ठीक-ठीक पता था कि मुझे किन चीजों पर काम करने की जरूरत है। ’’
इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने आरसीबी में वापसी के बाद अपनी बल्लेबाजी तकनीक और अपनी सोच दोनों में सुधार करने में मदद करने के लिए अपने मेंटोर दिनेश कार्तिक और कोच एंडी फ्लावर को इसका श्रेय दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दिनेश कार्तिक और एंडी फ्लावर की मदद से अपनी बल्लेबाजी तकनीक में कई बदलाव किए। लाल गेंद से सफेद गेंद के क्रिकेट में आने के लिए मुझे कुछ चीजों में बदलाव करने की जरूरत थी। मुझे हर गेंद पर रन बनाने की सोच के साथ मैदान पर उतरना था। जब मैंने ऐसा किया, तो नतीजे दिखने लगे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘आरसीबी में एक मजबूत और बल्लेबाजी लाइनअप में गहराई होना एक बड़ी सहूलियत है। जब आपको पता होता है कि बल्लेबाजी क्रम नीचे तक मजबूत है, तो इससे आपको शीर्ष पर स्वतंत्र होकर खेलने का आत्मविश्वास मिलता हैं। ’’
पडिक्कल ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की असाधारण काबिलियत की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘वैभव सूर्यवंशी जो करते हैं, वह सचमुच अनोखा है। उनकी उम्र में, उनकी बल्लेबाजी में इतनी ताकत होना बहुत खास बात है। वह एक दुर्लभ प्रतिभा का धनी है और वह जो करता है, अविश्वसनीय है। ’’
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

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