बीसीसीआई ने गोपीनाथ को श्रद्धांजलि दी
बीसीसीआई ने गोपीनाथ को श्रद्धांजलि दी
नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ को भावभीनी श्रद्धांजलि दी जिनका बृहस्तिवार को निधन हो गया। बीसीसीआई ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देश की यात्रा में योगदान देने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में से एक बताया।
गोपीनाथ का चेन्नई में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया जिसके साथ ही देश की पहली टेस्ट जीतने वाली टीम से जुड़ा आखिरी जीवित व्यक्ति भी चला गया।
बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई चेन्नई में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। वह भारत की ऐतिहासिक पहली टेस्ट जीतने वाली टीम के सदस्य थे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देश की यात्रा में योगदान देने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में से एक थे।’’
गोपीनाथ ने 1951 और 1960 के बीच आठ टेस्ट मैच में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपने पदार्पण मैच में ही इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 50 और 42 रन बनाकर अपनी छाप छोड़ी थी।
बीसीसीआई ने कहा कि उस दौर में जब भारतीय क्रिकेट विश्व मंच पर अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा था तब वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने 1952 में मद्रास (अब चेन्नई) में इंग्लैंड के खिलाफ देश की पहली टेस्ट जीत हासिल की थी। यह एक ऐसा परिणाम था जो भारत के क्रिकेट इतिहास में एक अहम मोड़ साबित हुआ।
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, ‘‘सीडी गोपीनाथ उस दौर का प्रतिनिधित्व करते थे जब भारतीय क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को स्थापित करना शुरू कर रहा था। उन्होंने ना केवल भारत के लिए योगदान दिया बल्कि मद्रास की शुरुआती सफलताओं में भी अहम भूमिका निभाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चयन समिति के अध्यक्ष और टीम मैनेजर के तौर पर खेल के साथ उनका लगातार जुड़ाव क्रिकेट के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हैं और उनके परिवार तथा प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।’’
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि गोपीनाथ उस पीढ़ी से ताल्लुक रखते थे जिसने भारतीय क्रिकेट के शुरुआती वर्षों को आकार देने में मदद की।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा होना एक ऐसा गौरव है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। खेलने के दिनों के बाद भी उन्होंने लंबे समय तक इस खेल में अपना योगदान जारी रखा और भारतीय क्रिकेट के साथ उनका जुड़ाव वर्षों तक मजबूत बना रहा। बीसीसीआई उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है।’’
भाषा सुधीर आनन्द
आनन्द

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