‘चक दे इंडिया’, विश्व कप में 52 साल बाद भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर कोच शोर्ड मारिन

‘चक दे इंडिया’, विश्व कप में 52 साल बाद भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर कोच शोर्ड मारिन

‘चक दे इंडिया’, विश्व कप में 52 साल बाद भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर कोच शोर्ड मारिन
Modified Date: August 27, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: August 27, 2026 10:17 pm IST

(मोना पार्थसारथी)

एम्सेटलवीन, 27 अगस्त (भाषा) भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने गुरुवार को टीम के यादगार विश्व कप अभियान में पांचवां स्थान हासिल करने के बाद खुशी जताते हुए कहा, ‘चक दे इंडिया!’

उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा और सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों से पहले उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा।

भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में उससे ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह विश्व कप में भारत का 52 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने 1974 में अजिंदर कौर की कप्तानी में चौथा स्थान हासिल किया था।

मारिन ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से मैं संतुष्ट हूं, लेकिन मैं ऐसा कोच हूं जो हमेशा इससे ज्यादा की मांग करता है। हालांकि, यह पल जश्न मनाने का है। लड़कियों ने जो हासिल किया है, उन्होंने इतिहास फिर से लिख दिया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक युवा टीम है और ये खिलाड़ी शानदार हैं, लेकिन अगली चुनौती पहले से ही सामने है। अब हमें आराम करना है और इस अच्छे अनुभव को अगले टूर्नामेंट, एशियाई खेलों में लेकर जाना है। ’’

मारिन के मुताबिक इस प्रदर्शन से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर और अधिक भरोसा मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। मैं खिलाड़ियों से लगातार कहता रहता हूं कि हम यह कर सकते हैं। लेकिन अंत में आपको इसका अनुभव खुद करना होता है और आज हमने वही किया। ’’

डच कोच ने कहा कि एशियाई खेलों में भी भारत का मुख्य ध्यान अपने खेल पर रहेगा, न कि विपक्षी टीमों पर।

उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भी हमारा 90 प्रतिशत ध्यान खुद पर होगा। हम विरोधी टीमों पर ध्यान नहीं देंगे। हमने हर मैच में इसी तरह रणनीति अपनाई है। ’’

मारिन ने भारत के प्रदर्शन का श्रेय पूरी टीम को दिया और किसी एक खिलाड़ी को अलग से श्रेय देने से इनकार किया।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई एक खिलाड़ी नहीं, यह एक टीम है। मैं किसी का नाम नहीं लेने वाला। ’’

अंत में मारिन ने उत्साह के साथ कहा, ‘चक दे इंडिया!’

इस तरह उन्होंने भारतीय महिला हॉकी के उस शानदार अभियान का जश्न मनाया जिसने टीम में नया विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है।

भाषा नमिता पंत

पंत


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