चीन मास्टर्स में खिताबी जीत से एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ा: सात्विक, चिराग
चीन मास्टर्स में खिताबी जीत से एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ा: सात्विक, चिराग
शेनझेन (चीन), छह सितंबर (भाषा) भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का कहना है कि कोर्ट पर ‘सोची-समझी आक्रामकता’ बनाए रखने से उन्हें चीन मास्टर्स का खिताब जीतने में मदद मिली और इस जीत ने आगामी एशियाई खेलों से पहले उनका मनोबल काफी बढ़ाया है।
भारतीय जोड़ी ने रविवार को यहां शानदार वापसी करते हुए चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यु को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर अपने तीसरे प्रयास में 12,50,000 डॉलर इनामी चीन मास्टर्स सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता। यह 2026 सत्र का उनका दूसरा और इस प्रतियोगिता का पहला खिताब है।
सात्विक ने मैच के बाद कहा, ‘‘यहां खेलना हमेशा अच्छा रहता है। चोट से वापसी करने के बाद हमने हमेशा यहां अच्छा प्रदर्शन किया है। 2024 में पेरिस ओलंपिक के बाद हम यहां खेले और सेमीफाइनल में पहुंचे। पिछले साल जब हम यहां खेले तब हम पूरी तरह फिट नहीं थे, फिर भी हम फाइनल तक पहुंचे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भी चोट से उबरने के बाद इस टूर्नामेंट ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया है। इस हफ्ते की कहानी भी वैसी ही रही। पहले दौर को छोड़कर हमारे सभी मुकाबले तीन गेम तक खिंचे।’’
फाइनल के बारे में सात्विक ने कहा, ‘‘आज हमने धैर्य बनाए रखा और आखिरी पलों में आसान गलतियां नहीं कीं। मैच का यह सबसे सकारात्मक पहलू रहा। हम बस अपनी रणनीति पर टिके रहे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘टूर्नामेंट में आने से पहले हमने जो योजना बनाई थी हम उसी पर अमल करना चाहते थे। अगर यह काम करता है तो अच्छा है नहीं तो हम वापस जाकर फिर से मेहनत करेंगे। मुझे लगता है कि इस रणनीति ने आज काम किया और हम बेहद खुश हैं। हम इस गतिरोध को तोड़ने और साल 2026 का अपना दूसरा खिताब जीतकर बेहद खुश हैं।’’
यह खिताबी जीत एशियाई खेलों में इस जोड़ी के अभियान की शुरुआत से कुछ हफ्ते पहले आई है। यह जोड़ी 19 सितंबर से जापान में अपने स्वर्ण पदक की रक्षा करने उतरेगी।
एशियाई खेलों के बारे में चिराग ने कहा, ‘‘यह बेहद खास अहसास है। एशियाई खेलों में जाने से ठीक पहले खिताब जीतने से निश्चित रूप से बड़ा बढ़ावा मिलता है। इससे साबित होता है कि हम सही दिशा में मेहनत कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम स्वदेश लौटकर अगले 10 दिनों तक पूरी ताकत झोंक देंगे और एशियाई खेलों में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। हम वहां बिना किसी दबाव के अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहते हैं।’’
पहले गेम में आक्रामकता की कमी के सवाल पर चिराग ने कहा कि समस्या शॉट चयन की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले गेम में आक्रामकता की कमी नहीं थी बल्कि हम सही स्ट्रोक नहीं खेल पा रहे थे। हम ऐसी शैली में खेल रहे थे जो उनके अनुकूल थी। जब आप चीन के खिलाड़ियों के मनमुताबिक खेलते हैं तो वे बेहद तेज और आक्रामक हो जाते हैं। वे इतने फुर्तीले होते हैं कि आपको संभलने का मौका नहीं देते।’’
चिराग ने कहा, ‘‘इसलिए दूसरे गेम में जब हमने शुरुआत की तो हम आक्रामक तो होना चाहते थे लेकिन सोची-समझी रणनीति के साथ। हमारे कोच भी यही कह रहे थे।’’
मैच के दौरान अपनी फ्लिक सर्व से कई अंक बटोरने वाले सात्विक ने बताया कि कंधे की चोट से उबरने के दौरान उन्होंने अपनी सर्विस और रिटर्न को काफी सुधारा है। इस चोट ने उन्हें इस सत्र में काफी परेशान किया था।
सात्विक ने कहा, ‘‘ऐसा बहुत कम होता है जब मुझे अपनी सर्विस पर पांच अंक मिलें। आमतौर पर चिराग ही गेम को आगे बढ़ाते हैं। क्वार्टर फाइनल में किम-एंडर्स के खिलाफ मैच ने मुझे काफी आत्मविश्वास दिया।’’
भाषा
सुधीर नमिता
नमिता

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