क्रिकेट आस्ट्रेलिया को गेंद से छेड़छाड़ की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए : साकर

क्रिकेट आस्ट्रेलिया को गेंद से छेड़छाड़ की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए : साकर

क्रिकेट आस्ट्रेलिया को गेंद से छेड़छाड़ की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए : साकर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: June 3, 2021 6:26 am IST

मेलबर्न, तीन जून (भाषा) आस्ट्रेलिया के पूर्व गेंदबाजी कोच डेविड साकर का मानना है कि देश के क्रिकेट बोर्ड को 2018 में गेंद से छेड़छाड़ मामले से जुड़ी अपनी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे इस घटना से जुड़े सवालों पर विराम भी लग सकता है।

गेंद से छेड़छाड़ का मसला हा​ल में फिर से तब चर्चा में आया जब इस घटना से जुड़े कैमरन बैनक्राफ्ट ने एक साक्षात्कार में संकेत दिये थे कि संभवत: टीम के गेंदबाज गेंद की शक्ल बिगाड़ने के ​लिये रेगमाल का उपयोग करने की साजिश से वाकिफ थे।

साकर तब टीम के गेंदबाजी कोच थे। उन्होंने पूर्व में कहा था कि वह भी इस घटना के लिये जवाबदेह हो सकते हैं। इस घटना के कारण बैनक्राफ्ट, तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ और उप कप्तान डेविड वार्नर पर प्रतिबंध लगा था।

साकर ने स्थानीय मीडिया से कहा, ”मुझे इसको सार्वजनिक नहीं करने का कोई कारण नजर नहीं आता है, लेकिन वे इस मामले को कैसे संभालना चाहते हैं यह उन पर निर्भर करता है। ”

उन्हें गुरुवार को मेलबर्न रेनेगेड्स की टीम बिग बैश लीग का कोच नियुक्त किया गया।

साकर से पूछा गया कि क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) को इस रिपोर्ट को क्यों सार्वजनिक करना चाहिए, उन्होंने कहा, ”क्योंकि ये सवाल लगातार उठते रहेंगे और हो सकता है कि इसको सार्वजनिक करने के बाद ऐसे सवालों पर विराम लग जाए। वैसे मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा। सवाल फिर भी उठते रहेंगे। ”

बैनक्राफ्ट की टिप्पणी के बाद शीर्ष तेज गेंदबाज पैट कमिन्स सहित सभी गेंदबाजों ने स्पष्ट किया था कि उन्हें साजिश की पूर्व जानकारी नहीं थी।

पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने हालांकि कहा था कि इस पर विश्वास करना मुश्किल है कि गेंदबाजों को इसका पता नहीं था। साकर ने भी साजिश की पूर्व जानकारी होने से इन्कार किया है।

साकर ने कहा, ”इसमें कोई संदेह नहीं कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि रेगमाल का इस्तेमाल किया जा रहा है। मैं सिर्फ इतना जानता था कि गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने के लिये आम रणनीति अपनायी जा रही है। ”

भाषा पंत

पंत


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