एशियाई खेलों में भारत समेत कई देशों के ध्वजारोहण समारोह में विलंब और व्यवधान
एशियाई खेलों में भारत समेत कई देशों के ध्वजारोहण समारोह में विलंब और व्यवधान
(अजय मसंद और फिलेम दीपक सिंह)
नागोया, 18 सितंबर (भाषा) एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच भारत समेत कई देशों का पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर बाधित हो गया और ‘अज्ञात’ संकट से निपटने के बाद बहाल हो सका ।
भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे । यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है ।
स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा ,‘‘ विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं । एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है । हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे ।’’
यह व्यवधान एक घंटे तक चला और आयोजकों ने विस्तार से जानकारी दिये बिना इतना ही कहा कि संवादहीनता के कारण ऐसा हुआ ।
समारोह के बाद एक बयान में कहा गया ,‘‘ एशियाई ओलंपिक परिषद के कार्यकारी बोर्ड और आयोजन समिति के बीच संवाद ठीक नहीं था जिसकी वजह से ऐसा हुआ ।’’
समारोह में यमन, उत्तर कोरिया , फलस्तीन, भारत और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था । पहले यह 20 मिनट विलंब से शुरू हुआ और फिर अचानक रोक दिया गया जिसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया ।
शरत और अंजलि समारोह मंच की ओर बढ रहे थे लेकिन फिर आयोजकों की ओर से विलंब की घोषणा के बाद उन्हें वापिस आना पड़ा ।
भारत के खेलमंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा भी निकट स्थित आईओए कार्यालय से थोड़ी देर के लिये आये । इसके बाद वे भी रवाना हो गए ।
इस अफरातफरी पर सहदेव यादव ने कहा ,‘‘ मैने ऐसा पहले कभी नहीं देखा ।’’
एक घंटे के विलंब के बाद समारोह शुरू हुआ जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व पूर्व निशानेबाज अंजलि भागवत और पूर्व फर्राटा धावक लिजो डेविड ने किया ।
ध्वजारोहण समारोह बहु खेल आयोजनों में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है और खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है ।
इससे पहले खिलाड़ियों ने यहां कमरे मिलने में देरी और उनका आकार काफी छोटा होने को लेकर शिकायत की थी । आयोजकों ने कंटेनर की तरह ‘हट्स’ में, क्रूज जहाज में और होटलों में खिलाड़ियों के रहने का इंतजाम किया है । लागत में कटौती के लिये कोई खेलगांव नहीं बनाया गया है ।
भाषा
मोना
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