दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईओए के क्रॉस कंट्री स्कीयर लुंडुप का चयन रद्द किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईओए के क्रॉस कंट्री स्कीयर लुंडुप का चयन रद्द किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईओए के क्रॉस कंट्री स्कीयर लुंडुप का चयन रद्द किया
Modified Date: January 30, 2026 / 07:04 pm IST
Published Date: January 30, 2026 7:04 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मिलानो-कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक चयन विवाद में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) पर कड़ी कार्रवाई करते हुए फैसला सुनाया कि दो सदस्यीय भारतीय टीम से क्रॉस कंट्री स्कीयर मंजीत को बाहर करना स्पष्ट रूप से मनमाना और अनुचित था।

पर अदालत के फैसले के बावजूद मंजीत के लिए इटली में छह से 22 फरवरी तक होने वाले शीतकालीन ओलंपिक में भाग लेना बहुत मुश्किल होगा। हालांकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है क्योंकि आईओए ने उच्च न्यायालय को बताया कि उनका नाम सूची में नहीं था और खिलाड़ियों की भागीदारी के लिए सभी समय सीमा समाप्त हो गई है।

अपनी याचिका में मंजीत ने आईओए द्वारा नियुक्त तदर्थ समिति के इटली में 2026 शीतकातीन ओलंपिक में क्रॉस कंट्री स्कीइंग के लिए स्टैनजिन लुंडुप का नाम चुने जाने के फैसले को चुनौती दी थी।

उन्होंने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्की एंव स्नोबोर्ड महासंघ रैंकिंग में पहले नंबर पर होने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया।

न्यायामूर्ति जसमीत सिंह की एकल पीठ ने मंजीत के पक्ष में फैसला सुनाया जिन्होंने टीम में शामिल होने के लिए याचिका दायर की थी। सिंह ने लुंडुप के चयन को रद्द कर दिया और आईओए से मंजीत की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।

आदेश में कहा गया, ‘‘चयन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से मनमानी और अनुचित है। प्रतिवादी आईओए और इसकी तदर्थ समिति अपने कर्तव्य में विफल रहे हैं। अब खेल मंत्रालय को निर्देश दिया जाता है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उचित प्रयास करे कि याचिकाकर्ता को मिलानो कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक 2026 में भाग लेने की अनुमति दी जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया जाता है कि आईओए और तदर्थ समिति आवश्यक व्यवस्था करने में खेल मंत्रालय को पूरा सहयोग देने के लिए तत्काल कदम उठाएं। ’’

आईओए ने कहा कि मेडिकल आपात स्थिति या असाधारण परिस्थितियों में भी ‘लेट एथलीट रिप्लेसमेंट’ (एलएआर) तंत्र केवल सूची में से ही प्रतिस्थापन की अनुमति देता है।

उसने कहा कि याचिकाकर्ता को सूची में शामिल नहीं किया गया था जिससे उन्हें आपात स्थिति में किसी की जगह लेने के साथ-साथ मानक प्रविष्टि दोनों के लिए बाहर है।

सिंह ने फैसला सुनाया कि याचिकाकर्ता (मंजीत) 19 जनवरी 2026 की रैंकिंग के अनुसार सबसे योग्य है और लुंडुप से दो स्थान ऊपर है।

भाषा नमिता मोना

मोना


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