दिल्ली ने नाइट राइडर्स को 128 रन का लक्ष्य दिया

दिल्ली ने नाइट राइडर्स को 128 रन का लक्ष्य दिया

दिल्ली ने नाइट राइडर्स को 128 रन का लक्ष्य दिया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: September 28, 2021 5:35 pm IST

शारजाह, 28 सितंबर (भाषा) लॉकी फर्ग्युसन की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से कोलकाता नाइट राइडर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में मंगलवार को यहां दिल्ली कैपिटल्स को नौ विकेट पर 127 रन के स्कोर पर रोक दिया।

फर्ग्युसन (10 रन पर दो विकेट), सुनील नारायण (18 रन पर दो विकेट) और वेंकटेश अय्यर (29 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने दिल्ली ने बल्लेबाजी के लिए मुश्किल पिच पर नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। कप्तान ऋषभ पंत (39), स्टीव स्मिथ (39) और शिखर धवन (24) की टिककर बल्लेबाजी कर पाए।

नाइट राइडर्स की सटीक गेंदबाजी के सामने दिल्ली की टीम अंतिम नौ ओवर में 54 रन ही बना सकी।

टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की टीम को स्मिथ और धवन ने सतर्क शुरुआत दिलाई। मौजूदा सत्र का पहला मैच खेल रहे संदीप वारियर पर चौके के साथ धवन ने खाता खोला और फिर इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में भी लगातार दो चौके मारे। धवन ने टिम साउथी पर भी दो चौके मारे लेकिन फर्ग्युसन की गेंद पर कवर प्वाइंट पर वेंकटेश को कैच दे बैठे। धवन ने 20 गेंद की पारी में पांच चौके जड़े।

दिल्ली ने पावर प्ले में एक विकेट पर 39 रन बनाए।

श्रेयस अय्यर सिर्फ एक रन बनाने के बाद नारायण की गेंद पर बोल्ड हो गए।

स्मिथ ने वरूण चक्रवर्ती पर लगातार दो चौकों के साथ रन गति में इजाफे का प्रयास किया और फिर नारायण पर भी चौका जड़ा। वह हालांकि फर्ग्युसन की गेंद पर कड़ा प्रहार करने की कोशिश में शॉट विकेटों पर खेल गए। उन्होंने 34 गेंद का सामना करते हुए चार चौके मारे।

वेंकटेश ने इसके बाद शिमरोन हेटमायर (04) को साउथी के हाथों कैच किया। अगले ओवर में नारायण ने ललित यादव (00) को पगबाधा किया जबकि वेंकटेश ने अक्षर पटेल (00) को पवेलियन की राह दिखाई। दिल्ली ने चार रन के भीतर तीन विकेट गंवाए जिससे उसका स्कोर छह विकेट पर 92 रन हो गया।

दिल्ली के रनों का शतक 17वें ओवर में पूरा हुआ।

पंत ने एक छोर संभाले रखा लेकिन बड़े शॉट खेलकर रन गति में इजाफा करने में नाकाम रहे। वह अंतिम ओवर में रन आउट हुए। उन्होंने 36 गेंद का सामना करते हुए तीन चौके मारे।

भाषा  सुधीर आनन्द

आनन्द


लेखक के बारे में