मुरली, हेराथ की जगह भरना मुश्किल, नए स्पिनरों पर भरोसा करना जरूरी: श्रीलंका के स्पिन कोच विजेतुंगे

मुरली, हेराथ की जगह भरना मुश्किल, नए स्पिनरों पर भरोसा करना जरूरी: श्रीलंका के स्पिन कोच विजेतुंगे

मुरली, हेराथ की जगह भरना मुश्किल, नए स्पिनरों पर भरोसा करना जरूरी: श्रीलंका के स्पिन कोच विजेतुंगे
Modified Date: August 20, 2026 / 01:24 pm IST
Published Date: August 20, 2026 1:24 pm IST

(जी उन्नीकृष्णन)

कोलंबो, 20 अगस्त (भाषा) भारत के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार का पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा श्रीलंका को यह याद दिलाने के लिए काफी था कि गॉल का किला अब अभेद्य नहीं रहा।

इससे यह सवाल भी पैदा हो गया कि आखिर उस टीम के साथ ऐसा क्या हो रहा है जिसका स्पिन गेंदबाजी कभी मजबूत पक्ष हुआ करता था और जिसके पास कभी मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ जैसे स्पिनर हुआ करते थे।

गॉल में श्रीलंका को हराना किसी भी टीम के लिए सबसे कड़ी चुनौती रही है। श्रीलंका ने इस मैदान पर खेले गए 50 टेस्ट मैच में से 27 मैच में जीत हासिल की है।

लेकिन अब ऐसा नहीं लगता है। भारत से 165 रन की हार से एक साल पहले इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को हराकर क्लीन स्वीप किया था। कभी श्रीलंका का इस मैदान पर अपने स्पिन गेंदबाजों के दम पर दबदबा बना रहता था लेकिन अब लगता है कि उसके वह दिन लद चुके हैं।

लेकिन श्रीलंका के ‘हाई परफार्मेंस सेंटर’ में स्पिन गेंदबाजी के कोच पियाल विजेतुंगे का मानना है कि उनकी टीम के पास पर्याप्त प्रतिभा है जो देश के गौरवशाली दिनों को लौटाने में सक्षम है।

विजेतुंगे ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुरली और रंगना की जगह भरना आसान नहीं है। उनका कोई सानी नहीं है। उनके अनुभव और कौशल की बराबरी आसानी से नहीं की जा सकती। इस तरह के गेंदबाज मिलना आसान नहीं होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें अपने नए स्पिनरों पर भरोसा करना होगा, जिनके पास लंबे समय तक खेलने के लिए पर्याप्त प्रतिभा है। लगातार मैच खेलने से उनका प्रदर्शन बेहतर होता जाएगा।’’

श्रीलंका ने भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में केशारा नुवांता को पदार्पण का मौका दिया और इस 25 वर्षीय ऑफ-स्पिनर ने मैच में चार विकेट लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

विजेतुंगे का मानना ​​था कि नुवांता में लंबे समय तक खेलने की पर्याप्त क्षमता है।

उन्होंने कहा, ‘‘वह विशिष्ट प्रतिभा का धनी है। उसे धैर्य बनाए रखने और अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत है। उसने टेस्ट मैच से पहले अभ्यास मैच (एसएनएलसी इलेवन बनाम भारत) में अच्छा प्रदर्शन किया और उसे राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई। वह लंबे कद का खिलाड़ी है और आसानी से ऑफ-स्पिन और टॉप-स्पिन कर सकता है।’’

विजेतुंगे ने कहा, ‘‘लेकिन अभी उसके करियर के शुरुआती दिन हैं और लगातार मैच खेलने से उसके प्रदर्शन में निखार आता जाएगा।’’

कुछ समय पहले तक श्रीलंका के पास लसिथ एम्बुलडेनिया और प्रवीण जयविक्रमा जैसे स्पिनरों की एक नई पीढ़ी थी।

अब 27 वर्षीय जयविक्रमा ने 2021 और 2022 के बीच पांच टेस्ट मैच खेले और 25 विकेट लिए, जबकि अब 29 वर्षीय एम्बुलडेनिया ने 2019 और 2022 के बीच 17 टेस्ट मैच खेले और 71 विकेट हासिल किए।

इन दोनों ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन पिछले चार वर्षों में विभिन्न कारणों से उन्हें दरकिनार कर दिया गया है।

हालांकि विजेतुंगे ने उम्मीद नहीं छोड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनके लिए दरवाजे बंद हैं। अगर वे घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो टीम में जगह बना सकते हैं।’’

विजेतुंगे ने कहा, ‘‘हमारे पास कई उभरते हुए स्पिन गेंदबाज हैं जिनमें त्रावीन मैथ्यू, विश्व लाहिरू, वानूजा साहन, आकाश विग्नेशवरन आदि शामिल हैं। हमें उनसे काफी उम्मीद है।’’

भाषा

पंत

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