Chhattisgarh ED Raid Today: शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की रेड, 8 अधिकारियों की टीम कर रही जांच, जानें किस बात के लगे है आरोप

Chhattisgarh ED Raid Today: शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की रेड, 8 अधिकारियों की टीम कर रही जांच, जानें किस बात के लगे है आरोप

Chhattisgarh ED Raid Today: शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की रेड, 8 अधिकारियों की टीम कर रही जांच, जानें किस बात के लगे है आरोप

Chhattisgarh ED Raid Today: शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की रेड, 8 अधिकारियों की टीम कर रही जांच, जानें किस बात के लगे है आरोप /image: Social Media

Modified Date: August 20, 2026 / 09:43 am IST
Published Date: August 20, 2026 9:33 am IST
HIGHLIGHTS
  • रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की दबिश, दो गाड़ियों में पहुंची 8 अधिकारियों की टीम
  • ED के अनुसार अग्रवाल का कथित तौर पर 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से संबंध है
  • एजेंसी कथित शराब घोटाले में अवैध नकदी के लेन-देन और वितरण से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है

धमतरी। Chhattisgarh ED Raid Today: छत्तीसगढ़ के धमतरी (Dhamtari ED Raid) जिले से इस वक्त की बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, ईडी की टीम ने छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर दबिश दी है। जानकारी के मुताबिक ED की टीम दो गाड़ियों में पहुंची है, जिसमें 8 अधिकारी शामिल है, जो दस्तावेजों की जांच कर रही है। घर के बाहर जवानों को तैनात किया गया है।

 

 

 

Chhattisgarh ED Raid Today अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने अदालत को बताया कि पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अग्रवाल का 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से संबंध है। ईडी ने कहा कि अग्रवाल चार समन जारी किए जाने के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हुए और हालिया पूछताछ के दौरान वह ‘टालमटोल वाला रवैया’ अपना रहे थे।

ईडी के अनुसार, शराब घोटाले से हासिल कथित अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि घोटाले से जुटाई गई बेहिसाब नकदी को रायपुर स्थित ‘राजीव भवन’ में रामगोपाल अग्रवाल को डिलीवर किया जाता था। ईडी ने रामगोपाल अग्रवाल को कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया है। फिलहाल 11 अगस्त को उन्हें पांच दिन की ईडी कस्टोडियल रिमांड पर भेजा गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।

कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के तौर पर भूमिका का आरोप (Ramgopal Agrawal ED Raid)

ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े अवैध लेन-देन और नकदी के वितरण की जांच में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि शराब घोटाले से निकलने वाली बेहिसाब नकदी का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल को कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के रूप में मिलता था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इस कथित अवैध नकदी को रायपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाया जाता था। ईडी अब इस कथित नकदी लेन-देन के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

घोटालों की कमाई एडजस्ट करने का आरोप (Chhattisgarh Liquor Scam)

ईडी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल ने कथित तौर पर घोटालों से प्राप्त रकम को एडजस्ट करने में भी भूमिका निभाई। जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध कमाई के बड़े हिस्से के लेन-देन और उसके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले की रकम किन माध्यमों से और किन लोगों तक पहुंचाई गई तथा इस पूरी व्यवस्था में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका कितनी व्यापक थी।

Chhattisgarh ED Raid Today छत्तीसगढ़ पुलिस की ईओडब्लयू ने अग्रवाल को कुछ ‘‘घोटाले’’ से संबंधित मामलों की जांच के सिलसिले में जुलाई में गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, यह कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच उस वक्त हुआ था जब छत्तीसगढ़ में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों के एक ‘‘आपराधिक’’ सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग को ‘‘पूरी तरह से अपने नियंत्रण’’ में ले लिया था, जिससे राज्य को 2,883 करोड़ रुपये के राजस्व का ‘‘भारी नुकसान’’ हुआ।

एजेंसी ने दावा किया है कि अवैध शराब की बिक्री से मिले कथित कमीशन को ‘‘राज्य के शीर्ष नेताओं के निर्देशानुसार’’ बांटा गया था। एजेंसी अब तक सात आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और 85 लोगों को आरोपी बनाया है जिनमें भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया शामिल हैं।

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.