हार से निराश हार्दिक पंड्या ने कहा, ‘दिन ही नहीं, पूरा सत्र ही हमारा नहीं’

हार से निराश हार्दिक पंड्या ने कहा, ‘दिन ही नहीं, पूरा सत्र ही हमारा नहीं’

हार से निराश हार्दिक पंड्या ने कहा, ‘दिन ही नहीं, पूरा सत्र ही हमारा नहीं’
Modified Date: May 3, 2026 / 12:12 am IST
Published Date: May 3, 2026 12:12 am IST

चेन्नई, दो मई (भाषा) मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने शनिवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक अहम मैच में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के हाथों मिली हार के बाद निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ‘दिन को छोड़िए, यह पूरा सत्र ही हमारा नहीं’ है।

सीएसके ने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद मुंबई इंडियंस को छोटे स्कोर पर रोक दिया जिसके बाद कप्तान रुतुराज गायकवाड़ (नाबाद 67) और कार्तिक शर्मा (नाबाद 54) के बीच तीसरे विकेट के लिए 75 गेंद में 98 रन की अटूट साझेदारी की मदद से आठ विकेट से जीत दर्ज की।

हार्दिक ने मैच के बाद निराशा व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि दिन को छोड़िए, यह पूरा सत्र ही हमारा नहीं है। उन्होंने हमसे बेहतर बल्लेबाजी की, बेहतर गेंदबाजी की और बेहतर क्षेत्ररक्षण किया। उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक समय ऐसा लग रहा था कि हम 180-190 रन तक पहुंच जाएंगे। हालांकि 10 ओवर के बाद उस लय को बरकरार नहीं रख सके। इसके अलावा पारी को अच्छी तरह से फिनिश भी नहीं कर पाए। पारी की शुरूआत में शॉट्स खेलना आसान नहीं होता। यह एक सोची समझीऔर सधी हुई पारी खेलने की बात थी। उन्होंने ठीक वैसा ही किया। ’’

अफगानिस्तान के बाएं हाथ के स्पिनर नूर अहमद (26 रन देकर दो विकेट) और अंशुल कंबोज (32 रन देकर तीन विकेट) की अनुशासित गेंदबाजी की बदौलत सीएसके ने मुंबई इंडियंस को सात विकेट पर महज 159 रन पर रोक दिया।

हार्दिक ने कहा, ‘‘हमारे बल्लेबाज गेंद को सही से कनेक्ट नहीं कर पाए क्योंकि उनकी गेंदबाजी बहुत अच्छी थी। उन्हें आउट करने के लिए हमें आग उगलती हुई गेंदें फेंकनी पड़तीं। हमने अपने गेंदबाजी के विकल्पों का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने समझदारी भरा क्रिकेट खेला और हमसे बेहतर साबित हुए। ’’

फिर गायकवाड़ की 48 गेंद में पांच चौके और दो छक्के जड़ित नाबाद पारी और कार्तिक (40 गेंद में चार चौके और तीन छक्के) के पहले आईपीएल अर्धशतक से 18.1 ओवर में दो विकेट पर 160 रन बनाकर आसान जीत हासिल की जो इस सत्र में उसकी चौथी जीत है।

भाषा नमिता

नमिता


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