फीफा प्रतिबंध की धमकी पर छेत्री ने खिलाड़ियों से कहा, ज्यादा ध्यान मत दो |

फीफा प्रतिबंध की धमकी पर छेत्री ने खिलाड़ियों से कहा, ज्यादा ध्यान मत दो

फीफा प्रतिबंध की धमकी पर छेत्री ने खिलाड़ियों से कहा, ज्यादा ध्यान मत दो

: , August 14, 2022 / 03:40 PM IST

बेंगलुरू, 14 अगस्त (भाषा) अनुभवी स्ट्राइकर सुनील छेत्री ने रविवार को साथी खिलाड़ियों को भारतीय फुटबॉल पर फीफा निलंबन के खतरे पर ज्यादा चिंता नहीं करने और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने की सलाह दी।

इस महीने के शुरू में विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा ने तीसरे पक्ष के ‘हस्तक्षेप’ के कारण अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को निलंबित करने और इससे अक्टूबर में महिला अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी के अधिकार छीनने की धमकी दी थी। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय महासंघ को चुनाव कराने का निर्देश दिया था जिसके कुछ ही दिन बाद यह चेतावनी जारी की गयी थी।

उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त की गयी प्रशासकों की समिति (सीओए) ने हालांकि तब से चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है और चुनाव 28 अगस्त को कराये जाने हैं।

छेत्री ने नये सत्र की तैयारियों पर उनके क्लब बेंगलुरू एफसी द्वारा आयोजित वर्चुअल मीडिया बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैंने लड़कों से बात की है और मेरी सलाह है कि ज्यादा ध्यान इस पर मत लगाओ क्योंकि यह आपके नियत्रंण से बाहर की चीज है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग शामिल हैं, वो यह सुनिश्चित करने के लिये अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहे हैं कि हम सर्वश्रेष्ठ संभव नतीजा हासिल कर लेंगे। ’’

छेत्री ने कहा, ‘‘हर कोई इस ओर कड़े प्रयास कर रहा है। जहां तक खिलाड़ियों का संबंध है तो हम सुनिश्चित करेंगे कि हम अपना काम उचित तरीके से करें। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें सुनिश्चित करना होगा कि आप खुद को बेहतर खिलाड़ी बनाओ। जब भी आपको अपने क्लब या अपने देश के प्रतिनिधित्व का मौका मिले तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करो। ’’

छेत्री ने कहा, ‘‘एआईएफएफ में सभी हर संभव तरीके से इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि नतीजा हमारे हक में रहे। ’’

भारत को 11 से 30 अक्टूबर तक फीफा महिला अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी करनी है।

डूरंड कप 16 अगस्त से कोलकाता में शुरू होगा जिसमें बेंगलुरू एफसी का सामना टूर्नामेंट के दूसरे दिन जमशेदपुर एफसी से होगा।

बेंगलुरू एफसी ने 2013 में आने के बाद लगभग हर बड़ा राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया है इसलिये टीम अपनी ‘ट्राफी कैबिनेट’ में डूरंड कप ट्राफी अपने नाम करने के लिये बेताब होगी।

छेत्री ने कहा, ‘‘यह बहुत ही विशेष है। यह सबसे पुराने टूर्नामेंट में से एक है जो बहुत बड़ी बात है। लेकिन क्लब ने भी यह खिताब नहीं जीता है और व्यक्तिगत रूप से भी मैंने डूरंड कप नहीं जीता है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी टूर्नामेंट जीतने में भाग्यशाली रहा हूं और भारत में लगभग जितने भी टूर्नामेंट हैं, सभी जीत चुका हूं बस डूरंड कप की कमी है। ’’

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)