अंतिम पंघाल को एशियाड और विश्व चैम्पियनशिप में चमकने का भरोसा

अंतिम पंघाल को एशियाड और विश्व चैम्पियनशिप में चमकने का भरोसा

अंतिम पंघाल को एशियाड और विश्व चैम्पियनशिप में चमकने का भरोसा
Modified Date: August 20, 2023 / 05:07 pm IST
Published Date: August 20, 2023 5:07 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) युवा पहलवान अंतिम पंघाल एशियाई खेलों और फिर इसके बाद होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में चमकदार प्रदर्शन दिखाने को प्रतिबद्ध हैं।

अनुभवी पहलवान विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल्स में चुनौती देने वाली पंघाल ने जोर्डन के अम्मान में अंडर-20 महिला कुश्ती विश्व चैम्पियनशिप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद रविवार को लौटने के बाद यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘जब मुझे पता चला कि मुझे एशियाई खेलों के लिए चुन लिया गया है तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि विनेश दी (विनेश फोगाट) को घुटने की चोट लगी थी और मैं ‘स्टैंडबाई’ थी। ’’

भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) का कामकाज देखने के लिए गठित तदर्थ समिति द्वारा विनेश को एशियाड के लिए सीधे प्रवेश दिये जाने के बाद पंघाल ने चुनौती दी थी।

विनेश ने घुटने की चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने का फैसला किया था जिसके लिए मुंबई में उनकी सर्जरी हुई और इससे पंघाल को हांगझोउ जाने वाली टीम में शामिल कर लिया गया।

महिलाओं की 53 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली पंघाल ने कहा, ‘‘मैं यह मौका मिलने से बहुत खुश हूं। अब मेरा ध्यान एशियाई खेलों और सीनियर विश्व चैम्पियनशिप ट्रायल्स की तैयारी पर लग गया है। ’’

पंघाल ने अम्मान में 53 किग्रा खिताब का बचाव कर लगातार अंडर-20 विश्व खिताब जीतने वाली पहली महिला पहलवान बनकर इतिहास रच दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने अंडर-20 महिला कुश्ती विश्व चैम्पियनशिप में पहला स्थान हासिल किया। पिछली बार की तरह मैंने फिर से स्वर्ण पदक जीत लिया। मैं इस उपलब्धि से भी काफी खुश हूं। ’’

कोच महा सिंह राव उनके प्रदर्शन से काफी खुश हैं, उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं कि हमने पहली बार अंडर-20 विश्व चैम्पियनशिप टीम खिताब जीता जिसमें हमेशा जापान का दबदबा रहा है लेकिन हमने साबित कर दिया कि हम इस बार सर्वश्रष्ठ हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्रालय ने ट्वीट कर इन बच्चियों को बधाई दी। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है और मुझे पूरा भरोसा है कि ये बच्चियां 2024 और 2028 ओलंपिक में भी पदक जीतेंगी। ’’

62 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली सविता ने कहा कि उनकी निगाहें अगले साल के पेरिस ओलंपिक पर लगी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी यात्रा शानदार रही, मुकाबले कड़े थे, जापान को हराना मुश्किल था। अब मेरा लक्ष्य ओलंपिक है और अगले साल से मैं सीनियर वर्ग के 62 किग्रा वर्ग में खेलूंगी। ’’

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर


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