फुटबॉल संकट: खेल मंत्री ने एआईएफएफ और आईएसएल क्लबों को कार्यबल बनाने को कहा

फुटबॉल संकट: खेल मंत्री ने एआईएफएफ और आईएसएल क्लबों को कार्यबल बनाने को कहा

फुटबॉल संकट: खेल मंत्री ने एआईएफएफ और आईएसएल क्लबों को कार्यबल बनाने को कहा
Modified Date: June 8, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: June 8, 2026 8:38 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को यहां हुई बैठक में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और आईएसएल क्लबों से कार्यबल बनाने को कहा जो संकट से जूझ रही लीग के कम से कम अगले दो सत्र के लिए एक व्यवस्थित योजना तैयार करेगी।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार मंत्री ने क्लबों और एआईएफएफ से 14 क्लब वाली इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के लिए एक ‘सौहार्दपूर्ण व्यावसायिक मॉडल’ तैयार करने का आग्रह किया।

एक विश्वसनीय सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘उन्होंने एआईएफएफ और आईएसएल क्लबों से एक कार्यबल बनाने को कहा है जो अगले दो वर्षों के लिए लीग की योजना बनाएगी और इसके लिए व्यावसायिक योजना भी तैयार करेगी। उन्होंने उनसे जल्द से जल्द ऐसा करने और एक सौहार्दपूर्ण व्यावसायिक मॉडल के साथ उनके पास वापस आने को कहा है।’’

मांडविया के दखल से ही 2025-26 सत्र संभव हो पाया, फिर भले ही उसमें मैच की संख्या में कटौती की गई हो। क्लब और एआईएफएफ उस वित्तीय संकट को हल करने में विफल रहे थे जो पिछले साल दिसंबर में रिलायंस समूह द्वारा समर्थित एफएसडीएल के व्यावसायिक साझेदार के तौर पर हटने से पैदा हुआ था।

फिलहाल क्लब और एआईएफएफ नए व्यावसायिक मॉडल को लेकर विवाद में उलझे हुए हैं। क्लब एक स्व विनियमित प्रणाली चाहते हैं। उन्होंने 2026-27 और 2027-28 सत्र के लिए क्लब के नेतृत्व वाला दो साल का पायलट मॉडल एक अंतरिम समाधान के तौर पर पेश किया है।

क्लबों ने इस दो साल की अवधि के लिए आईएसएल के व्यावसायिक अधिकार हासिल करने का भी प्रस्ताव दिया जिसके लिए वे एआईएफएफ को हर साल 15 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे।

सूत्र ने कहा, ‘‘मंत्री ने दोनों पक्षों से कहा कि आईएसएल एक बड़ा व्यावसायिक उपक्रम है और इस पर कई लोगों की आजीविका निर्भर करती है। अच्छी बात यह थी कि हर कोई एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देता हुआ लग रहा था।’’

बैठक में सभी 14 क्लब के प्रतिनिधि शामिल हुए और अध्यक्ष कल्याण चौबे सहित एआईएफएफ के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


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