जिन चीजों पर मेरा नियंत्रण नहीं है, उनको लेकर परेशान नहीं होना चाहता: अर्शदीप

जिन चीजों पर मेरा नियंत्रण नहीं है, उनको लेकर परेशान नहीं होना चाहता: अर्शदीप

जिन चीजों पर मेरा नियंत्रण नहीं है, उनको लेकर परेशान नहीं होना चाहता: अर्शदीप
Modified Date: January 22, 2026 / 10:28 am IST
Published Date: January 22, 2026 10:28 am IST

(कुशान सरकार)

नागपुर, 22 जनवरी (भाषा) भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ऐसी किसी परिस्थिति में भी सकारात्मक पक्ष ढूंढ लेते हैं जो उनके अनुकूल नहीं हो और यही वजह है कि वह हर तरह की परिस्थितियों में खेल का पूरा आनंद लेते हैं।

गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद से भारतीय टीम में लगातार अंदर-बाहर होते रहे इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज से पूछा गया कि क्या टीम में लगातार होने वाले बदलावों ने उन्हें प्रभावित किया है।

 ⁠

अर्शदीप ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘‘जैसे मैं टीम से अंदर-बाहर होता हूं, उसका अपना फायदा भी है। मेरी गेंद भी अंदर-बाहर जाती है। इसलिए मैं इसका आनंद ले रहा हूं।’’

अर्शदीप ने इस तरह से सबको याद दिलाया कि चयन न होने से गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी क्षमता पर जरा भी असर नहीं पड़ा है।

अर्शदीप ने 73 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 111 विकेट लिए हैं और वह अभी भी सबसे छोटे प्रारूप में भारत के सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्हें हाल के महीनों में टीम संयोजन के लिए अक्सर नजरअंदाज किया गया है।

भारत ने 2025 में 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिनमें से अर्शदीप केवल 13 मैच में ही खेल पाए। इस प्रारूप में प्रभावशाली रिकॉर्ड होने के बावजूद उन्हें एशिया कप के अधिकतर मैचों में अंतिम एकादश में जगह नहीं दी गई।

अर्शदीप ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में भारत की जीत के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा काम हर समय तैयार रहना है और जब भी टीम मुझे किसी भी प्रारूप में नई या पुरानी गेंद से गेंदबाजी करने के लिए कहेगी, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा। मेरा लक्ष्य इस सफर का आनंद लेना, वर्तमान में बने रहना और जो मेरे नियंत्रण में है उस पर ध्यान केंद्रित करना है। जो (चयन) मेरे नियंत्रण में नहीं है उसके बारे में मुझे चिंता नहीं करनी चाहिए।’’

अर्शदीप ने मैच की विभिन्न परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और सपाट पिचों पर गेंदबाजी करने की चुनौती के बारे में भी बात की।

उन्होंने कहा, ‘‘जब आपको बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच मिलती है तो आप यही प्रार्थना करते हो कि, ‘हे भगवान, आज मुझे बचा लो’। टीम की बैठकों में रणनीति तैयार की जाती है और हमारा काम मैच के दिन उस पर अमल करना होता है। अगर आप अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल करते हैं तोअक्सर आपको अच्छे परिणाम मिलते हैं।’’

इस 26 वर्षीय तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘हमें यह जानना होगा कि किसी विशेष पिच पर किसी विशेष बल्लेबाज के खिलाफ कौन सी रणनीति कारगर साबित होती है। आपको अपनी रणनीति पर विश्वास होना चाहिए और अगर यह कारगर नहीं होती तो अगले मैच में रणनीति में बदलाव के बारे में आपको पता चल जाएगा। परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलती रहती है।’’

अर्शदीप ने इसके साथ ही खुलासा किया कि आक्रामक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा नेट प्रैक्टिस में उनके खिलाफ बल्लेबाजी करना पसंद नहीं करते।

उन्होंने कहा, ‘‘अभिषेक हमेशा कहता है कि मैं तुम्हारे खिलाफ बल्लेबाजी नहीं करना चाहता। हमारे लिए यह अच्छी बात है कि हमें उसे गेंदबाजी नहीं करनी पड़ती। मैंने उसके खिलाफ काफी क्रिकेट खेली है और इस स्तर पर उसे शानदार प्रदर्शन करते हुए देखना अच्छा लगता है।’’

भाषा

पंत

पंत


लेखक के बारे में