इंडिया ओपन: लक्ष्य क्वार्टर फाइनल में जबकि सात्विक-चिराग, श्रीकांत, प्रणय बाहर

इंडिया ओपन: लक्ष्य क्वार्टर फाइनल में जबकि सात्विक-चिराग, श्रीकांत, प्रणय बाहर

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 08:54 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 08:54 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) पूर्व चैंपियन लक्ष्य सेन ने संयमित और रणनीतिक प्रदर्शन से बृहस्पतिवार को यहां 950,000 डॉलर राशि के इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जबकि किदांबी श्रीकांत और एच एस प्रणय चुनौतीपूर्ण प्रदर्शन के बाद बाहर हो गए।

प्रबल दावेदारों में शुमार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी भी दूसरे दौर में जापान के हिरोकी मिडोरिकावा और क्योहेई यामाशिता से 27-25 21-23 19-21 से हार के बाद बाहर हो गई।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता सेन ने लचीलापन और परिपक्वता दिखाते हुए दूसरे दौर में जापान के केंटा निशिमोटो को 21-19, 21-11 से हराया और एकल वर्ग में एकमात्र भारतीय चुनौती के रूप में उभरे।

लक्ष्य ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पहले गेम की शुरुआत में मैं अपनी लय से थोड़ा जूझ रहा था जिससे उसे ज्यादा आक्रमण करने का मौका मिल रहा था। लेकिन फिर मैंने शटल को लंबा लिफ्ट करना शुरू किया और अच्छी तरह से बचाव करने पर ध्यान केंद्रित किया और मुझे लगता है कि इससे पहला गेम पलट गया। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे गेम में मुझे पता था कि मैं उसे अपना गेम खेलने का मौका नहीं दे सकता इसलिए मैंने अपनी स्पीड में बदलाव किया और यह काम कर गया। ’’

अल्मोड़ा के 24 वर्षीय खिलाड़ी का सामना अब चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा जिन्होंने आयरलैंड के न्हाट गुयेन को 21-16, 21-17 से हराया।

इससे पहले श्रीकांत ने कड़ी टक्कर दी लेकिन फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव से 21-14, 17-21, 21-17 से हार गए।

प्रणय भी अपने प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर देने के बाद सिंगापुर के आठवें वरीय लोह कीन यू से 18-21, 21-19, 21-14 से हार गए।

मालविका बंसोड़ भी महिला एकल मैच में चीन की पांचवीं वरीय हान यू से 18-21 15-21 से हार गईं।

महिला युगल में भी भारत की चुनौती खत्म हो गई जिसमें त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद 84 मिनट तक चले मैराथन मैच में चीन की सातवीं वरीयता प्राप्त ली यिजिंग और लुओ जुमिन की जोड़ी से 22-20 22-24 21-23 से हार गईं।

सेन को शुरुआत में दिक्कत हुई जिससे निशिमोटो को नियंत्रण करने का मौका मिला और उन्होंने 16-11 की बढ़त बना ली।

लेकिन 14-18 से पीछे होने के बाद सेन ने शानदार धैर्य दिखाया, रैलियों को लंबा खींचा, अच्छा बचाव किया और अपने प्रतिद्वंद्वी से गलतियां करवाईं।

लगातार पांच अंक ने मैच का रुख बदल दिया जिससे सेन को पहले ही मौके पर गेम खत्म करने का मौका मिला।

दूसरा गेम एकतरफा रहा क्योंकि सेन ने समझदारी से रणनीति में बदलाव किया और निशिमोटो को लय नहीं हासिल करने दी।

सेन ने अपने मजबूत डिफेंस और सटीक शॉट चयन से 50 मिनट में मुकाबला जीत लिया।

भाषा नमिता

नमिता