भारतीय तीरंदाजों ने एशिया कप के पहले चरण में दो कांस्य जीते, चार फाइनल में पहुंचे
भारतीय तीरंदाजों ने एशिया कप के पहले चरण में दो कांस्य जीते, चार फाइनल में पहुंचे
बैंकॉक, 25 मार्च (भाषा) भारतीय तीरंदाजों ने एशिया कप विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में बुधवार को दूसरे दिन दो कांस्य पदक जीते, जबकि पुरुष रिकर्व और महिला कंपाउंड टीम स्पर्धाओं के फाइनल में भी प्रवेश कर लिया।
भारत ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी तीन पदक पक्के किए, लेकिन यह रिकर्व वर्ग के पुरुषों के लिए निराशाजनक अभियान साबित हुआ, जहां चारों तीरंदाजों में से कोई भी पदक की दौड़ में नहीं रहा। यह पिछले सत्र में विष्णु चौधरी और राहुल द्वारा शीर्ष दो स्थान हासिल करने की तुलना में एक करारा झटका था।
महिला कंपाउंड टीम ने पिछली बार कांस्य जीता था, लेकिन इस बार फाइनल में पहुंचकर पदक का रंग बेहतर करेगी।
चिकिथा तानीपर्थी, राज कौर और तेजल साल्वे की तिकड़ी ने स्थानीय खिलाड़ी कन्यावी मानीसोम्बात्कुल, कानोकनापुस काएचोम्फू और चानीदप्पा तानारत्पितिनान को 229-226 से हराया।
अब फाइनल में उनका सामना तीसरी वरीयता प्राप्त कजाखस्तान से होगा।
पुरुष कंपाउंड वर्ग में क्वालीफिकेशन दौर में शीर्ष पर रहने के बावजूद भारतीय तीरंदाज खिताब बरकरार रखने में नाकाम रहे और उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा।
रजत चौहान, ऋषभ यादव और उदय कम्बोज को वियतनाम के हाथों सेमीफाइनल में 233-234 से पराजय मिली।
कांस्य पदक के मुकाबले में भारतीय टीम ने भूटान को 234-232 से हराया।
रिकर्व वर्ग में भारतीय पुरुष टीम मलेशिया को 5-1 से हराकर फाइनल में पहुंच गई। भारत के देवांग गुप्ता, सुखचैन सिंह और जुयेल सरकार ने एक भी सेट गंवाए बिना जीत दर्ज की। अब उनका सामना कजाखस्तान से होगा।
महिला रिकर्व टीम की तिकड़ी रूमा बिस्वास, कीर्ति और रिद्धि फोर ने मलेशिया को 5-1 से हराकर कांस्य पदक जीता।
दोपहर के सत्र में व्यक्तिगत स्पर्धाओं के मुकाबलों में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
पुरुष कंपाउंड वर्ग में चौहान, जावकर और कम्बोज ने टीम स्पर्धा की निराशा को पीछे छोड़ते हुए पदक दौर में जगह बनाई और क्लीन स्वीप की उम्मीदों को बरकरार रखा।
रोमांचक सेमीफाइनल में जावकर ने चौहान को 149-148 से मामूली अंतर से हराया, जबकि कम्बोज ने स्थानीय दावेदार पीरावत रत्तनापोंगकियात को 147-145 से मात दी।
अब स्वर्ण पदक के लिए जावकर और कम्बोज आमने-सामने होंगे, जबकि चौहान कांस्य पदक के मुकाबले में उतरेंगे।
महिला रिकर्व वर्ग में रिद्धि ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर भारत की उम्मीदों को जीवित रखा। वह अपने पहले अंतरराष्ट्रीय व्यक्तिगत स्वर्ण पदक की दौड़ में बनी हुई हैं।
चौबीस वर्षीय रिद्धि ने मलेशिया की शिंग लेई जोई टैन को सीधे सेटों में पराजित किया।
हरियाणा की इस तीरंदाज का फाइनल में मुकाबला मंगोलिया की ओयुन-एर्देने बासांदोरज से होगा।
इसके विपरीत, पुरुष रिकर्व वर्ग में भारत का अभियान निराशाजनक ढंग से समाप्त हुआ। आठवीं वरीयता प्राप्त सुखचैन सिंह को रूस में जन्मे तटस्थ तीरंदाज किरिल बतुएव ने सीधे सेटों में हराया। बतुएव ने नौ में से दस अंकों वाले छह निशाने लगाते हुए 29-28, 29-28, 28-26 से जीत दर्ज की।
देवांग गुप्ता ने मलेशिया के चोंग इवान रिच को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह पांच सेट के करीबी मुकाबले में 4-6 से हार गए।
महिला कंपाउंड वर्ग में तेजल साल्वे पदक की दौड़ में बनी रहने वाली एकमात्र भारतीय रहीं। उन्हें सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त तटस्थ खिलाड़ी के तौर पर खेल रहीं रूस की अरीना चेर्केजोवा से 144-147 से हार का सामना करना पड़ा।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में चिकिथा, राज कौर और स्वाति दुधवाल प्री-क्वार्टरफाइनल चरण में ही बाहर हो गईं।
भाषा मोना
आनन्द पंत
पंत
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