Deendayal Upadhyay Mazdur Kalyan Yojana : मजदूरों की नवरात्रि हुई मंगलमय, सीएम साय ने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत लाखों भूमिहीन परिवारों को दी करोड़ों की सौगात
Vishnu Deo Sai ने Chhattisgarh में 4.95 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अंतरित की। यह सहायता Deendayal Upadhyay Bhumihin Krishi Majdur Kalyan Yojana के तहत दी गई।
Deendayal Upadhyay Mazdur Kalyan Yojana / Image Source : DPR
- 4,95,965 भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता मिली।
- कुल ₹495.96 करोड़ सीधे खातों में ट्रांसफर किए गए।
- Vishnu Deo Sai ने कार्यक्रम में हितग्राहियों को आवास की चाबियां भी सौंपीं।
रायपुर : किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए भी यह नवरात्रि समृद्धि और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आई है। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की योजनाएं अब सीधे जनजीवन में परिवर्तन का आधार बनती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदा बाजार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार द्वारा तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस वर्ष उत्साह और संतोष के साथ होली मनाई, वहीं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिली राशि ने उनके आत्मनिर्भरता के संकल्प को और मजबूत किया है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश कराते हुए मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने बलौदाबाजार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का स्मरण करते हुए बाबा गुरु घासीदास, संत कबीर और शहीद वीर नारायण सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि भूमिहीन कृषि मजदूरों को दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः संचालन तथा रामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कोरोना काल में लंबित बिलों के निपटान हेतु विशेष छूट एवं आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह योजना जून तक संचालित होगी और प्रदेशभर में इसके लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश के समग्र विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा, कृषि और वन उत्पादों के बेहतर उपयोग से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा पांच जिलों के हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को कम समय में पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता का प्रमाण है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी के अंतर की राशि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आज योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं। उन्होंने सभी भूमिहीन कृषि मजदूरों, विशेषकर बैगा-गुनिया परिवारों को इस योजना के लाभ के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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