Edible Oil Price Hike 2026 : अब रसोई पर महंगाई का डबल वार! LPG के बाद खाने का तेल भी महंगा, अब प्रति लीटर देने होंगे इतने रुपए

India में एलपीजी के बाद अब खाने के तेल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। Middle East में बढ़ते तनाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ने लगा है।

Edible Oil Price Hike 2026 : अब रसोई पर महंगाई का डबल वार! LPG के बाद खाने का तेल भी महंगा, अब प्रति लीटर देने होंगे इतने रुपए

Edible Oil Price Hike 2026 / Image Source : Freepik

Modified Date: March 25, 2026 / 06:29 pm IST
Published Date: March 25, 2026 6:29 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सूरजमुखी तेल 175 से बढ़कर 181 रुपये प्रति किलो हुआ।
  • पाम ऑयल 5 रुपये महंगा होकर 141 रुपये प्रति किलो पहुंचा।
  • सोयाबीन, मूंगफली और सरसों तेल में भी बढ़ोतरी दर्ज।

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव का असर अब धीरे-धीरे भारतीय रसोई तक पहुँचने लगा है। एलपीजी सिलेंडर के बाद अब किचन की सबसे अनिवार्य वस्तु, खाने का तेल, भी महंगा होने लगा है। भारत में पूड़ी, पराठा और रोजमर्रा की सब्जियों में तेल का भारी इस्तेमाल होता है, ऐसे में वैश्विक अस्थिरता के कारण कीमतों में हुई यह वृद्धि सीधे आम आदमी की जेब पर प्रहार कर रही है।

तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी

पिछले एक महीने 24 फरवरी से 24 मार्च 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि खाद्य तेलों के दाम में साफ उछाल आया है। Sunflower Oil Price Increase सूरजमुखी तेल की कीमत 175 रुपये से बढ़कर 181 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं, पाम ऑयल 5 रुपये महंगा होकर 141 रुपये प्रति किलो पर पहुँच गया है। सोयाबीन, मूंगफली और सरसों के तेल में भी 3 से 4 रुपये प्रति किलो का इजाफा दर्ज किया गया है।

एक व्यक्ति कितने किलोग्राम तेल का करता है इस्तेमाल

भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का 56% हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 44% है। 2022 में भारत का तेल आयात बिल 21.1 अरब डॉलर तक पहुँच गया था, जो देश की बाहरी देशों पर निर्भरता को दर्शाता है।2022-23 के आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में एक व्यक्ति सालाना औसतन 12 किलो और ग्रामीण इलाकों में 11 किलो तेल का इस्तेमाल करता है। बढ़ती मांग के मुकाबले घरेलू उत्पादन की धीमी गति कीमतों को नियंत्रित करने में एक बड़ी बाधा है।

तेल की कीमतों में कमी आने के आसार कम

ईरान और मिडिल ईस्ट के हालातों के बावजूद, भारत सरकार ने सप्लाई को लेकर आश्वस्त किया है। Middle East Tension Impact सरकार का कहना है कि मलेशिया, इंडोनेशिया और अमेरिका जैसे विविध देशों से आयात के विकल्प मौजूद होने के कारण सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित नहीं होगी। साथ ही, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स’ के जरिए देश को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चितता को देखते हुए फिलहाल कीमतों में तत्काल कमी आने के आसार कम नजर आ रहे हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..