भारतीय कंपाउंड मिश्रित टीम ने स्वर्ण पदक जीता, महिला टीम को रजत पदक

भारतीय कंपाउंड मिश्रित टीम ने स्वर्ण पदक जीता, महिला टीम को रजत पदक

भारतीय कंपाउंड मिश्रित टीम ने स्वर्ण पदक जीता, महिला टीम को रजत पदक
Modified Date: March 27, 2026 / 11:33 am IST
Published Date: March 27, 2026 11:33 am IST

बैंकॉक, 27 मार्च (भाषा) भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां एशिया कप-विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक और महिला टीम का रजत पदक जीतकर अपने पदकों की संख्या चार कर ली।

भारत ने इस तरह से अब इस प्रतियोगिता में एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीत दिए हैं। कांस्य पदक बुधवार को महिला रिकर्व टीम और पुरुष कंपाउंड टीम ने जीते थे।

भारत को दिन में बाद में होने वाले अन्य फाइनल में भाग लेने के साथ चार और पदक मिलना सुनिश्चित है।

सुबह के सत्र का मुख्य आकर्षण चिकिता तनिपार्थी और रजत चौहान की शीर्ष वरीयता प्राप्त मिश्रित टीम जोड़ी थी, जिन्होंने स्वर्ण पदक मुकाबले में दूसरी वरीयता प्राप्त मलेशिया को 158-156 से हराया।

सटीकता और संयम से भरे इस मुकाबले में अंतर बहुत कम रहा क्योंकि भारत ने 16 तीरों में सिर्फ दो , जबकि मलेशिया ने चार अंक गंवाए।

भारतीय जोड़ी ने लगातार चार 10 अंक हासिल करके शानदार शुरुआत की और बीच के चरण में कुछ मामूली चूक के बावजूद अपनी लय बरकरार रखी। तीन सेट के बाद उन्होंने 118-117 के मामूली अंतर से एक अंक की बढ़त बना ली।

मलेशिया की फातिन नूरफतेहा मैट सालेह और मोहम्मद जुवैदी माजुकी की जोड़ी ने तीसरे सेट में कुछ समय के लिए बढ़त हासिल कर ली थी। तब उन्होंने 40 का परफेक्ट स्कोर बनाया, जबकि भारत 39 अंक ही बना सका।

भारतीय जोड़ी ने हालांकि अंतिम सेट में अपने अनुभव का अच्छा इस्तेमाल किया तथा लगातार चार 10 अंक हासिल करके अपनी जीत सुनिश्चित की। मलेशिया की टीम इस सेट में 39 अंक ही बना पाई जिससे भारत को दो अंकों से जीत मिल गई।

चिकिता, राज कौर और तेजल साल्वे की भारतीय महिला कंपाउंड टीम को फाइनल में कजाकिस्तान की विक्टोरिया ल्यां, डायना युनुसोवा और रोक्साना युनुसोवा से 227-229 से हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भारतीय महिला टीम पिछली बार कांस्य पदक ही जीत पाई थी और इस तरह से उसने अपने प्रदर्शन में सुधार किया।

भारत ने मजबूत शुरुआत की और 12 तीरों के बाद आधे चरण में 115-113 की बढ़त बना ली।

तीसरे सेट में हालांकि भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वह 54 अंक ही बना सकी जबकि कजाकिस्तान की टीम ने 58 अंक बनाए। इस तरह से उसने 171-169 की बढ़त हासिल कर ली।

चौथे और अंतिम सेट में दोनों टीम ने समान 58 अंक बनाए और इस तरह से भारतीय टीम को तीसरे सेट के खराब प्रदर्शन के कारण रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

भाषा

पंत

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