विश्व कप में इतिहास रचने के लिए तैयार है भारतीय पुरुष हॉकी टीम: कोच फुल्टन
विश्व कप में इतिहास रचने के लिए तैयार है भारतीय पुरुष हॉकी टीम: कोच फुल्टन
(सौमोज्योति एस चौधरी)
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन विश्व कप में 51 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम इस टूर्नामेंट में इतिहास रचने के लिए तैयार है।
पेरिस ओलंपिक में भारत को लगातार दूसरा कांस्य पदक दिलाने वाले फुल्टन अच्छी तरह जानते हैं कि अगर भारत को 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले विश्व कप में पदक का सूखा खत्म करना है तो टीम को अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखनी होगी।
आठ बार का ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारत विश्व कप में अभी तक केवल तीन पदक जीत पाया है। उसने अपना आखिरी पदक स्वर्ण पदक के रूप में 1975 में अजीत पाल सिंह की कप्तानी में कुआलालंपुर में जीता था।
फुल्टन ने पीटीआई से कहा, ‘‘भारत ने आखिरी बार 1975 में यह खिताब जीता था। हमारे लिए अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना और उसे एशियाई खेलों तक बरकरार रखना महत्वपूर्ण है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना भी हमारी प्राथमिकता है।’’
दक्षिण अफ्रीका के रहने वाले 51 वर्षीय फुल्टन ने कहा, ‘‘हम बेहद खुश हैं कि हमें यह अवसर मिला है। इस तरह के टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण मौकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना, सही समय पर अपने चरम पर पहुंचना और प्रत्येक विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना अहम होता है। हमने पेरिस में यह साबित कर दिया है कि हम कुछ युवा खिलाड़ियों को शामिल करने के बावजूद अनुभवी टीम उतार सकते हैं। हमारे पास अच्छा मौका है और हम किसी भी टीम को हराने में सक्षम हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारतीय हॉकी की विरासत से अच्छी तरह से वाकिफ हूं और यह भी जानता हूं कि भारत का विश्व कप में प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। हम इसे बदलना चाहेंगे। हम भारतीय हॉकी में अपना इतिहास लिखना चाहेंगे।’’
भारत को विश्व कप में वेल्स, इंग्लैंड और चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ पूल डी में रखा गया है और फुल्टन ने कहा कि टूर्नामेंट में अच्छी शुरुआत करना महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ग्रुप काफी कड़ा है और हमें वेल्स के खिलाफ पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। हमें लय बनाने पर ध्यान देना होगा। हमें टूर्नामेंट के आखिर तक पहुंचने की कोशिश करनी होगी जहां हमें अपने सर्वश्रेष्ठ खेल का प्रदर्शन करना होगा।’’
भारत अभी विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज है और फुल्टन ने विश्व कप और उसके तीन सप्ताह के भीतर होने वाले एशियाई खेलों को अपना लक्ष्य रखा है। भारतीय टीम के लिए एशियाई खेल काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसमें स्वर्ण पदक जीतने से वह 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर जाएगी।
फुल्टन ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य हर टूर्नामेंट में जीत हासिल करना है। एशिया में हमने जितने भी टूर्नामेंट खेले हमने सब जीते, यह आदर्श स्थिति है। हम अभी आठवीं रैंकिंग पर हैं और इस आधार पर लोग यही सोचेंगे कि हमारी जीत की संभावना कम है। लेकिन मेरे लिए रैंकिंग टूर्नामेंट के बाद मायने रखती है उससे पहले नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत भले ही एशिया में नंबर एक टीम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अगर हम ‘बेसिक्स’ (बुनियादी चीजों) पर ध्यान नहीं देते और अपना शत प्रतिशत योगदान नहीं देते हैं तो हम जीत ही जाएंगे।’’
विश्व कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ डिफेंडर यशदीप सिवाच और स्ट्राइकर आदित्य अर्जुन लागले जैसे युवा खिलाड़ियों भी शामिल हैं।
फुल्टन ने कहा, ‘‘पिछले 18 महीनों में हमारा अच्छा तालमेल रहा है। यशदीप ने प्रो लीग से शुरुआत की थी। वह एक अच्छे और मजबूत डिफेंडर हैं। आदित्य ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। हमें ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो एक से अधिक पोजीशन पर खेल सकें। यशदीप मिडफील्ड में भी खेल सकते हैं।’’
भाषा
पंत
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