Vande Bharat: DUSU में चला ABVP का जादू! चार में से तीन सीटों पर किया कब्जा, जानिए क्या है इस जीत के मायने?

DUSU में चला ABVP का जादू! चार में से तीन सीटों पर किया कब्जा, ABVP's magic worked in DUSU

Vande Bharat: DUSU में चला ABVP का जादू! चार में से तीन सीटों पर किया कब्जा, जानिए क्या है इस जीत के मायने?
Modified Date: September 20, 2026 / 12:08 am IST
Published Date: September 19, 2026 11:59 pm IST

नई दिल्लीः Delhi University Elections दिल्ली यूनिवर्सिटी का कैंपस जहां चुनाव सिर्फ वोटों का नहीं, बल्कि स्टूडेंट पॉलिटिक्स के नए चेहरे का भी होता है। DUSU चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और युवाओं के बीच पैठ बढ़ाने की ओर बढ़ रही बीजेपी के लिए ये नतीजे बड़ी राहत भरे साबित हुए। इस बार फिर ABVP ने दम दिखाया है। चार बड़े पदों में से तीन पर ABVP ने जीत दर्ज की है, जबकि उपाध्यक्ष की कुर्सी निर्दलीय दीपांशु शौकीन के नाम रही।

Delhi University Elections अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच रहा। कई राउंड तक दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन आखिरी नतीजे में बाजी यश डबास ने मार ली। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले। NSUI के विजय मीणा को 22,523 वोट मिले। यानी यश डबास 2,053 वोटों से जीते। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले और ABVP के ईशू मौर्या को 16,910 वोट। इस तरह दीपांशु को 13,705 वोटों से जीते। सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी को 21,650, NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। रिया 6,781 वोटों से जीतीं। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्यराज सिंह को 16,615, NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले। इस तरह से लक्ष्यराज 1,409 वोटों से जीते।

कुल जमा बात चार में से तीन बड़े पद ABVP के खाते में गए। अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव तीनों कुर्सियों पर ABVP के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, लेकिन कहानी में ट्विस्ट उपाध्यक्ष पद पर आया। यहां निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। यानी चार सीटों के पैनल में एक चेहरा ऐसा भी रहा, जिसने किसी संगठन के बैनर के बिना बाजी मारी। अब इसी टीम के हाथ में DUSU की नई कमान होगी।

 


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।