भारत की युगल जोड़ियों का स्वप्निल सफर थाईलैंड ओपन के सेमीफाइनल में हारकर खत्म

भारत की युगल जोड़ियों का स्वप्निल सफर थाईलैंड ओपन के सेमीफाइनल में हारकर खत्म

भारत की युगल जोड़ियों का स्वप्निल सफर थाईलैंड ओपन के सेमीफाइनल में हारकर खत्म
Modified Date: November 29, 2022 / 08:57 pm IST
Published Date: January 23, 2021 3:35 pm IST

बैंकॉक, 23 जनवरी (भाषा) सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी ने शनिवार को यहां टोयोटा थाईलैंड ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में देचापोल पुआवारानुक्रेोह और सपसिरी टाएराटानाचाई की शीर्ष वरीय जोड़ी से हारने से पहले शानदार प्रदर्शन किया।

दुनिया की तीसरे नंबर की थाई जोड़ी के खिलाफ सात्विक और अश्विनी (36वीं रैंकिंग) ने शानदार जज्बा दिखाया और शुरूआती गेम काफी करीब से गंवाने के बाद बेहतरीन वापसी की।

लेकिन अंत में देचापोल और सपसिरी की जोड़ी ने भारतीयों को 57 मिनट तक चले सेमीफाइनल में 22-20 18-21 21-12 से हरा दिया।

सात्विक ने कहा, ‘‘पिछले दो मैच हमारे लिये काफी अच्छे रहे। मुझे लगता है कि हमने इन शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ मैच खेला। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘बल्कि हम यहां आने से पहले अभ्यास भी नहीं कर पाये थे। हम सिर्फ खेलना चाहते थे। हमने आज अच्छी चुनौती पेश की, यह काफी करीबी मुकाबला रहा। ’’

सात्विक और अश्विनी पिछले कुछ हफ्तों में ही एक साथ अभ्यास कर पाये थे और शुक्रवार को यह जोड़ी बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर सुपर 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी बन गयी थी।

अश्विनी ने कहा, ‘‘हमने कुछ बड़ी गलतियां कर दीं जिसकी शुरूआत मेरी सर्विस से हुई और फिर हमने वहां से एक के बाद एक अंक गंवा दिये। फिर अगले गेम में उन्होंने अपना ‘गेम स्टाइल’ ही बदल दिया। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ओवरआल, गेम हमारे लिये अच्छा था और मैं खुश हूं कि इस टूर्नामेंट के दौरान हमारी साझेदारी बेहतर ही हुई। ’’

इससे पहले सात्विक और चिराग शेट्टी की जोड़ी का सफर पुरूष युगल के कड़े सेमीफाइनल में हारकर समाप्त हो गया। दुनिया की दसवें नंबर की जोड़ी को नौवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी आरोन चिया और सो वूइ यिक ने 35 मिनट में 21 . 18, 21 . 18 से हराया ।

तोक्यो ओलंपिक में पदक के दावेदार सात्विक और चिराग की जोड़ी ने 2019 में थाईलैंड में पहला सुपर 500 खिताब जीता था और फ्रेंच ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे । सुपर 1000 टूर्नामेंट में दोनों 2018 और 2019 में खेले लेकिन पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचे थे ।

चिराग ने कहा, ‘‘हम सेमीफाइनल में खेलकर खुश हैं, लेकिन हम आज अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं खेल पाये। हम अपनी सर्विस पर अंक नहीं जुटा सके। मुझे लगता है कि अगर हम कुछ अंक जुटा पाते और पहले गेम को बदल पाते तो शायद चीजें काफी अलग हो सकती थीं। ’’

सात्विक और अश्विनी मिश्रित युगल में थाईलैंड की जोड़ी के खिलाफ दो बार खेल चुके हैं लेकिन एक भी गेम नहीं जीत पाये थे। शनिवार को दोनों ने मैच के दौरान बेहतरीन जज्बा दिखाया लेकिन निर्णायक गेम में कुछ ‘अनफोर्स्ड गलतियों’ के कारण मैच गंवा बैठे।

दोनों जोड़ियों ने कुछ शानदार रैलियां खेलीं। थाई जोड़ी पहले गेम में ब्रेक तक 11-10 से आगे थी और एक समय 17-12 से आगे हो चुकी थी। पर सात्विक और अश्विनी ने अच्छा खेल दिखाते हुए 20-20 से बराबरी हासिल कर ली। हालांकि गेम उनके हाथों से निकल गया।

दूसरे गेम में देचापोल और सपसिरी ने फिर 11-6 से बढ़त बना ली और भारतीय जोड़ी ने अगले नौ में से आठ अंक जुटाकर स्कोर 15-15 कर दिया और फिर सात्विक के ताकतवर स्मैश से बढ़त ले ली। दोनों जोड़ियां 18-18 की बराबरी पर आ गयी थीं लेकिन सात्विक ने एक और बेहतरीन स्मैश से इस गेम को अपनी झोली में डाल लिया।

निर्णायक गेम में थाई जोड़ी 3-0 से शुरूआत कर 10-7 तक पहुंच गयी। अनुभवी जोड़ी ने इसके बाद अंतर 15-11 कर दिया और भारतीय जोड़ी की गलती का फायदा उठाते हुए मैच जीत लिया।

इससे पहले पुरूष युगल मैच में सात्विक और चिराग मलेशियाई जोड़ी की मुस्तैदी का सामना नहीं कर सके । भारतीय जोड़ी ने शुरूआत में 4 .2 से बढत बना ली लेकिन मलेशियाई जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए ब्रेक तक 11 . 10 की बढत बनाई । एक समय स्कोर 15 . 16 था लेकिन इसके बाद मलेशियाई जोड़ी ने लगातार चार अंक लेकर पहला गेम जीत लिया ।

दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी की शुरूआत अच्छी रही लेकिन फिर लगातार चार अंक गंवा दिये । ब्रेक के बाद भी वे वापसी नहीं कर सके और मलेशियाई जोड़ी ने छह मैच प्वाइंट के साथ जीत दर्ज की ।

भाषा नमिता मोना

मोना


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