नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी की डॉ. कर्णी सिंह रेंज में वापसी होगी जब भारत यहां चार से 13 फरवरी तक एशियाई राइफल और पिस्टल एशियाई चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा।
टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे विभिन्न देशों के दल पहले ही भारत पहुंच चुके हैं।
राइफल और पिस्टल निशानेबाजों की इस शीर्ष महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत सहित 20 देश के कुल 311 निशानेबाज जूनियर और सीनियर वर्ग में हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में 30 पदक दांव पर लगे होंगे। साथ ही युवा स्पर्धाओं का भी आयोजन किया जाएगा।
भारत ने 118 निशानेबाजों के साथ प्रतियोगिता में सबसे बड़ा दल उतारा है। कजाखस्तान का दल 35 निशानेबाजों के साथ दूसरा सबसे बड़ा दल है।
क्षेत्रीय दिग्गज देशों कोरिया, ईरान और जापान ने भी मजबूत टीम उतारी हैं जबकि चीनी ताइपे, वियतनाम और हांगकांग के निशानेबाजों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
प्रतियोगिता से पहले भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा, ‘‘यह भारतीय निशानेबाजी के साथ-साथ एशियाई निशानेबाजों के लिए भी एक महत्वपूर्ण साल है क्योंकि साल के दूसरे हाफ (सितंबर-अक्टूबर) में एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप के रूप में दो बड़ी प्रतियोगिताएं होने वाली हैं जिसमें लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए शुरुआती कोटा स्थान मिलेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह महाद्वीप के निशानेबाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय सत्र की शुरुआत होगी और उन्हें खुद को आंकने का मौका मिलेगा। एनआरएआई ने भारतीय खेल प्राधिकरण, खेल मंत्रालय और भारत सरकार तथा उनकी एजेंसियों के समर्थन से एक विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय खेल अनुभव सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है।’’
बुधवार को प्रतियोगिताओं के पहले दिन चार फाइनल होंगे जिसमें पुरुषों और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल तथा जूनियर और युवा पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा शामिल है।
भाषा सुधीर आनन्द
आनन्द