CM Vishnu Deo Sai: ‘दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई’, गरियाबंद हिंसा को लेकर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा-सरकार जीरो टोलरेंस की नीति पर चल रही है

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CM Vishnu Deo Sai: 'दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई', गरियाबंद हिंसा को लेकर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा-सरकार जीरो टोलरेंस की नीति पर चल रही है

Rajim Violence News | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • सीएम साय ने अंबिकापुर दौरे पर करप्शन और अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई
  • राजिम के दुधकैयाँ गांव में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, कई लोग घायल हुए
  • पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर गांव में भारी सुरक्षा बल तैनात किया

अंबिकापुर: CM Vishnu Deo Sai सीएम साय आज अंबिकापुर दौरे पर है। इस दौरान सीएम साय ने हाईटेक नवीन कार्यालय परिसर का भूमि पूजन किया। जिसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान सीएम साय ने गरियाबंद जिले में हुई हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया।

CG News मीडिया से बातचीत के दौरान गरियाबंद जिले में हुए सांप्रदायिक हिंसा को लेकर का बड़ा बयान देते हुए बताया कि इस छत्तीसगढ़ प्रदेश में चाहे करप्शन का मामला हो या फिर अपराध का मामला हो यह सरकार जीरो टोलरेंस की नीति पर काम कर रहीं है और उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रदेश में जो भी यहां अत्याचार करेगा उसकी सख्ती से जांच और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

वहीं उन्होंने इस मामले में कांग्रेस द्वारा तंज कसने के सवाल पर अपना जवाब देते हुए बताया कि कांग्रेस पार्टी और उनके लोग चुनाव हार-हार कर मुद्दाविहीन हो चुके है इसलिए इनका सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आदत हो चुका है जिससे यह सरकार डरने वाली नहीं है।

वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी बंद होने और यहां कई किसानों द्वारा धान नहीं बेच पाने के सवाल पर बताया कि इस छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग 2.5 महीने तक धान की खरीदी हुई और सरकार का प्रयास पूरा रहा कि यहां के सभी किसानों के धान की खरीदी हो सके तभी इस प्रदेश में लगभग 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी संभव हो सकी है,वहीं उन्होंने धान खरीदी की जानकारी एकत्र कर इसमें आवश्यकता पड़ने पर आगे उचित निर्णय लेने की बात कही है।

राजिम के दुधकैयाँ गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव

Gariaband News आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले के राजिम के दुधकैयाँ गांव में भड़का सांप्रदायिक तनाव अब और उग्र हो गया है। दोनों पक्षों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ग्रामीणों ने विशेष समुदाय के घर में घुसकर घर और कार को आग के हवाले कर दिया। इस पूरी घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी और एसपी भी मौके पर पहुंच चुके हैं। साथ ही पूरे गांव में चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

Rajim Violence News  राजिम के दुतकैंया गांव में अप्रैल 2025 में शिव मंदिर में तोड़ फोड़ किया गया था। जिसमें ग्रामीणों की शिकायत पर इसके मुख्य आरोपी आरिफ को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी आरिफ उस वक्त नाबालिग था। तब उसे बाल संप्रेषण गृह में रखा गया था। कुछ दिनों पहले ही उसे जमानत मिली थी। छूटकर आते ही उन लोगों को परेशान करना शुरू दिया जो लोग शिव मंदिर मामले में प्रत्यक्षदर्शी थे या फिर शिकायतकर्ता थे।

रविवार को आरोपी आरिफ अपने दो सहयोगी इमरान और सलीम के साथ मिलकर गांव से बाहर दिखने वाले ग्रामीणों की जमकर पिटाई शुरू कर दी। पत्थर, रॉड, तलवार से पीटना शुरू किया। हमले का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। 7 ग्रामीण तब तक लहूलुहान हो गए गए। पीड़ित शिकायत लेकर राजिम थाना पहुंचते गए, मामले में राजिम पुलिस की अनदेखी के चलते शाम 5 बजते ही आक्रोश फूटना शूरु हुआ और फिर ग्रामीण कानून अपने हाथ में ले लिए।

आरोपियों के घर को तोड़ फोड़ करना शुरू किया, धीरे धीरे आक्रोश हिंसक घटना में तब्दील हो गया। आक्रोश बढ़ता देख राजिम पुलिस ने चार अलग एफआईआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आगजनी में फंसे आरोपी के परिवार को देर रात घरों से निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। वहीं इस हिंसक झड़प में पुलिस के आधा दर्जन जवान और अधिकारी भी घायल हुए हैं। कुछ मीडिया कर्मियों को भी चोटें आई है। साथ ही ग्रामीण भी रस्सा कसी में घायल हुए है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आरोपी के अन्य सहयोगी लगातार गांव के माहौल को खराब करते रहे हैं। गांव में नशा खोरी, मारपीट, गाली गलौच के अलावा जमीन पर अतिक्रमण जैसे घटना को लगातार अंजाम दे रहे थे। जिसको लेकर आक्रोश धीरे धीरे पनप रहा था। अभी भी ग्रामीणों को डर है, कि मामले में छूटने के बाद आरोपी फिर से गांव वालो से बदला लेंगे। इसलिए ज्यादातर ग्रामीण खुल कर कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं।

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राजिम हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?

शिव मंदिर तोड़फोड़ मामले के आरोपी आरिफ को जमानत मिलने के बाद उसने ग्रामीणों पर हमला किया, जिससे आक्रोश बढ़कर हिंसा में बदल गया।

इस हिंसा में कितने लोग घायल हुए?

7 ग्रामीण, कई पुलिसकर्मी, अधिकारी और कुछ मीडिया कर्मी घायल हुए।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की और तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।