(कुशान सरकार)
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के पूर्व संचार प्रमुख समी-उल-हसन बर्नी ने सोमवार को कहा कि टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ बड़े मैच का बहिष्कार करना पाकिस्तान के लिए एक मुश्किल फैसला रहा होगा और इसके लिए कई विशेषज्ञों से सलाह ली गई होगी।
पाकिस्तान ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था जो बांग्लादेश के समर्थन में उठाया गया कदम लग रहा है। बांग्लादेश ने ‘सुरक्षा चिंताओं’ के कारण भारत में खेलने से मना कर दिया था जिसके बाद उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था।
पीटीआई से बातचीत में बर्नी से पूछा गया कि क्या बांग्लादेश का भारत के साथ विवाद पाकिस्तान की लड़ाई थी तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘हम इस फैसले से सहमत हो सकते हैं, असहमत हो सकते हैं, बहस कर सकते हैं… लेकिन जब सरकार कोई फैसला लेती है तो वे कुछ ऐसा देख रहे होते हैं जो आप और मैं नहीं देख रहे होते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि ये फैसले लेना आसान नहीं होता। उन्होंने बहुत से लोगों से बात की होगी, विशेषज्ञों से सलाह ली होगी, कानूनी पहलू देखे होंगे।’’
बर्नी ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला करने से पहले काफी सोच-विचार किया होगा।’’
आईसीसी ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को अपने इस फैसले के लिए वित्तीय जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है और राजस्व का नुकसान भी हो सकता है जो लाखों डॉलर तक हो सकता है। लेकिन बर्नी का मानना है कि पाकिस्तान ने इसके नतीजों को ध्यान में रखकर ही यह फैसला किया होगा।
बर्नी ने कहा, ‘‘जहां तक आप सजा या नुकसान की बात कर रहे हैं तो उस एक मैच की कीमत 25 करोड़ डॉलर है (सब कुछ मिलाकर, सिर्फ प्रसारणकर्ता का नुकसान नहीं)।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान का सालाना राजस्व तीन करोड़ 55 लाख डॉलर है इसलिए बहुत बड़ा अंतर है।’’
बर्नी ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि पाकिस्तान पिछले दो दशक से भारत के साथ द्विपक्षीय मैच नहीं खेल पाने के वित्तीय नुकसान से किसी तरह बच गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘अन्य देशों के विपरीत पाकिस्तान ने 20 साल से भारत की किसी द्विपक्षीय श्रृंखला के लिए मेजबानी नहीं की है जबकि वे 2007 और फिर 2012-13 में सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं।’’
बर्नी ने कहा, ‘‘वे 10 वर्षों तक तटस्थ स्थलों पर खेले। 2009 से 2019 तक स्वदेश में नहीं खेले बल्कि पश्चिम एशिया या यूएई में खेले और फिर भी दो टूर्नामेंट जीतने में कामयाब रहे। 2009 में टी20 विश्व कप और 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तो हां इसके वित्तीय असर होंगे लेकिन अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भारत के बिना खेलकर 20 साल तक उस दौरे को झेल सकता है तो वे टिके रह सकते हैं।’’
बर्नी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने के तरीके की भी आलोचना की। बांग्लादेश ने इसके बाद सात फरवरी से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारत का दौरा करने से मना कर दिया था।
आईसीसी में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मीडिया निदेशक के तौर पर काम करने वाले बर्नी ने कहा कि बीसीसीआई मुस्ताफिजुर को बाहर करने की घोषणा करते हुए बिना असल कारण बताए सार्वजनिक बयान देने से बच सकता था।
बर्नी ने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि अगर क्रिकेट प्रशासक या खेल से जुड़े जिम्मेदार लोग थोड़ा और सावधान रहते और सार्वजनिक बयान देने से बचते, जैसे कि बांग्लादेश के एक खिलाड़ी (मुस्ताफिजुर) को फ्रेंचाइजी से हटाना है तो इन चीजों से आसानी से बचा जा सकता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि उन्हें (बीसीसीआई को) यह बात सार्वजनिक तौर पर कहने की जरूरत नहीं थी। वे आसानी से निजी तौर पर फ्रेंचाइजी (कोलकाता नाइट राइडर्स) से खिलाड़ी को रिलीज करने के लिए कह सकते थे और किसी को पता नहीं चलता कि क्या हुआ और चीजें आगे बढ़ जाती।’’
बर्नी ने कहा, ‘‘कभी-कभी आप फैसले करने में गलती करते हैं और ऐसा बयान देते हैं जिसके नतीजे झेलने होते हैं। तो तीन जनवरी की घोषणा ने उकसा दिया।’’
‘द डॉन’ के पूर्व पत्रकार बर्नी ने आईसीसी के दुबई मुख्यालय में एक दशक से अधिक समय तक काम किया और पिछले साल तक पीसीबी के मीडिया निदेशक थे।
उन्होंने पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी के रुख के बारे में जानकारी दी जो उनके देश के गृह मंत्री भी हैं और पाकिस्तान की केंद्र सरकार में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं।
बर्नी का मानना है कि उनके पूर्व बॉस ने आईसीसी के बांग्लादेश के मैच स्थलों को भारत से श्रीलंका में बदलने से इनकार करने को ‘नियमों में बदलाव’ के तौर पर देखा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं नवंबर 2024 की बात कर रहा हूं जब मैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का हिस्सा था और मैं मोहसिन नकवी के साथ था। जब वह ईमेल आया जिसमें आईसीसी ने कहा कि बीसीसीआई ने उन्हें बताया है कि भारत सरकार ने अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है।’’
बर्नी ने कहा, ‘‘नकवी का मानना है कि जब जनवरी में (बांग्लादेश के संबंध में) ऐसी ही स्थिति पैदा हुई तो वही सिद्धांत लागू नहीं किए गए और यहीं पर वह दोहरे मापदंडों की बात कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यही बात नकवी और पीसीबी को परेशान कर रही है क्योंकि उन्हें लगता है कि नियमों में बदलाव किया जा रहा है।’’
भाषा सुधीर आनन्द
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