वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी को रोकना बड़ी चुनौती होगी: डोएशे

वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी को रोकना बड़ी चुनौती होगी: डोएशे

वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी को रोकना बड़ी चुनौती होगी: डोएशे
Modified Date: February 28, 2026 / 09:01 pm IST
Published Date: February 28, 2026 9:01 pm IST

… कुशान सरकार …

कोलकाता, 28 फरवरी (भाषा) टी20 विश्व कप के इस सत्र की एक प्रमुख विशेषता विभिन्न टीमों की बल्लेबाजी में गहराई और बल्लेबाजों की बेखौफ होकर खेलने की योजना रही है। सभी टीमों को हालांकि अलग-अलग स्तर पर सफलता मिली है, लेकिन किसी ने भी रक्षात्मक रुख नहीं अपनाया। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण वेस्टइंडीज है, जिसने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली बड़ी हार में भी यह दिखाया कि बल्लेबाजी की गहराई के क्या मायने हैं। वेस्टइंडीज ने 90 रन पर सात विकेट गंवाने के बावजूद रोमारियो शेफर्ड की 37 गेंद में 52 रन की पारी के बूते 176 रन बना लिये थे। भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने मैच-पूर्व संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि ज्यादा टीमों के पास ऐसा बल्लेबाजी क्रम है जहां रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ी नौवें नंबर पर उतरता हों। यह इस टूर्नामेंट की सफल टीमों की विशेषता है। इंग्लैंड की बल्लेबाजी में भी गहराई है। न्यूजीलैंड और भारत के साथ भी ऐसा ही है। हमारे पास अक्षर जैसे खिलाड़ी हैं, जो अगर पहले नहीं आते तो आठवें नंबर पर भी आ सकते हैं।” जब टीमें हर हाल में आक्रामक खेल की नीति अपनाती हैं, तो केवल रन रोकने की रणनीति कारगर नहीं होती। किसी बल्लेबाजी क्रम में शाई होप, ब्रैंडन किंग, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेसन होल्डर और रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ी हों तो रन को रोकने के लिए विकेट लेना ही एकमात्र समाधान है। डोएशे ने कहा, ‘‘आपको विकेट लेने पर ध्यान देना होगा। 20 ओवर तक सिर्फ रन रोकने की पुरानी रणनीति अब चलन से बाहर हो चुकी है। वेस्टइंडीज का खेलने का तरीका ही अधिक जोखिम के साथ फायदा उठाने की है। उन्होंने वेस्टइंडीज के पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ गेंदबाजी इकाई के रूप में हम इस चुनौती के लिए तैयार हैं। हमें पता है कि कहां विकेट मिल सकते हैं। हमारी योजना पूरे 20 ओवर आक्रामक गेंदबाजी करने और उन पर दबाव बनाने की होगी जैसा दक्षिण अफ्रीका ने किया।’’ भारतीय बल्लेबाजों को भी दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने धीमी गेंद से परेशान किया था। भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसे में अभ्यास सत्र में धीमी गेंदों के खिलाफ खेल सुधारने पर ध्यान दिया। भाषा आनन्द नमितानमिता


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