जीतू सर ने सकारात्मक माहौल बनाया; मैं अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं: रिदम संगवान

जीतू सर ने सकारात्मक माहौल बनाया; मैं अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं: रिदम संगवान

जीतू सर ने सकारात्मक माहौल बनाया; मैं अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं: रिदम संगवान
Modified Date: January 29, 2026 / 07:50 pm IST
Published Date: January 29, 2026 7:50 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) युवा पिस्टल निशानेबाज रिदम सांगवान मानना है कि भारतीय निशानेबाजी कोचिंग टीम में उनके ‘आदर्श’ जीतू राय के शामिल होने से काफी सकारात्मक माहौल बना है।

रिदम इस समय अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, क्योंकि 2026 में भारतीय निशानेबाजों का अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर बेहद व्यस्त रहने वाला है।

इस साल भारतीय निशानेबाजों के लिए मुख्य कार्यक्रमों में घरेलू महाद्वीपीय चैम्पियनशिप, एशियाई खेल और कई आईएसएसएफ विश्व कप चरण शामिल हैं। इसमें पहली बड़ी प्रतियोगिता एशियाई चैम्पियनशिप दो से 14 फरवरी तक नयी दिल्ली के डॉ. करणी सिंह रेंज में आयोजित होगी। इसमें 17 देशों के 300 से अधिक निशानेबाज हिस्सा लेंगे।

रिदम ने बृहस्पतिवार को कहा,“मेरा दृष्टिकोण है कि एक-एक कदम आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल मैं सिर्फ एशियाई चैम्पियनशिप पर ध्यान दे रही हूं। मेरी कोशिश है कि मैं अपने प्रक्रिया पर फोकस करूं। मुझे विश्वास है कि अगर हम प्रक्रिया पर ध्यान दें तो परिणाम अपने आप आएंगे।”

इस 22 साल की निशानेबाज ने एशियाई चैम्पियनशिप और विश्व कप में पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भी हिस्सा लिया था।

उन्होंने कहा, “हर अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय प्रतियोगिता मेरे लिए महत्वपूर्ण है। इससे मैं यह सीखती हूं कि मैचों में मैं कैसी प्रतिक्रिया देती हूं और हर दिन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।”

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने पिछले साल अपनी कोचिंग टीम में महत्वपूर्ण बदलाव किए। चार बार के एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता जसपाल राणा को 25 मीटर पिस्टल टीम का हाई-परफॉर्मेंस कोच और ओलंपियन जीतू राय को 10 मीटर एयर पिस्टल कोच नियुक्त किया गया। रिदम ने कहा कि इन नियुक्तियों से सकारात्मक माहौल बना है।

उन्होंने कहा, “जीतू सर हमेशा मेरे आदर्श रहे हैं। जब मैंने पहली बार निशानेबाजी परिषर में अंतरराष्ट्रीय मैच देखा था तब जीतू सर प्रदर्शन कर रहे थे। यह मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत था। जसपाल सर भी महान निशानेबाज हैं, इससे सभी निशानेबाजों को प्रेरणा मिलती है।”

भाषा

आनन्द मोना

मोना


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