कोनमेबोल ने फीफा की दो साल में विश्व कप कराने की योजना का विरोध किया

कोनमेबोल ने फीफा की दो साल में विश्व कप कराने की योजना का विरोध किया

Edited By: , September 11, 2021 / 02:10 PM IST

लंदन, 11 सितंबर (एपी) दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल संचालन संस्था (कोनमेबोल) भी यूरोप की तरह फीफा की प्रत्येक दो वर्ष में पुरूष विश्व कप आयोजित करने की योजना के विरोध में खड़ी है।

वहीं शुक्रवार को मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गुआर्डियोला ने इस योजना का समर्थन किया। फुटबॉल के प्रमुख क्लब लिवरपूर के मैनेजर जर्गेन क्लोप का कहना है कि वह जानते हैं कि फीफा इस योजना का समर्थन क्यों चाहती हैं।

कोनबेबोल का प्रत्येक दो वर्ष में विश्व कप कराने की योजना पर विरोध हालांकि हैरान करने वाला है क्योंकि इसके अध्यक्ष एलेजांद्रो डोमिनंगुएज ने 2018 में फीफा को इस योजना का प्रस्ताव दिया था। अब कोनमेबोल को लगता है कि दो साल में विश्व कप आयोजित करने से टूर्नामेंट की अहमियत को कम कर देगा।

कोनमोबेल ने एक बयान जारी किया, हालांकि इसमें यह नहीं बताया गया कि इस पर परिसंघ के 10 देशों ने हस्ताक्षर किये हैं या नहीं। इस बयान में कहा गया, ‘‘विश्व कप के बीच की अवधि को कम करने का कोई खेल संबंधित कारण नहीं है। ’’

फीफा ने संन्यास ले चुके दिग्गज फुटबॉलरों की मौजूदगी में गुरुवार को इस प्रस्ताव को पेश किया था लेकिन यूरोप ने तुरंत ही उसका विरोध कर दिया। यूएफा अध्यक्ष अलेक्सांद्र सेफरिन ने पुष्टि की थी कि उनकी टीमें इसका बहिष्कार करेंगी जिन्होंने 2002 में ब्राजील की जीत के बाद इस टूर्नामेंट में दबदबा बना रखा है।

गुआर्डियोला ने कहा, ‘‘विश्व कप शानदार होता है, यह फुटबॉल का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। मैं दर्शक के तौर पर इसका लुत्फ उठाता हूं और हमेशा देखता हूं। अगर मुझे यह हर दो साल में देखने को मिलेगा तो यह अच्छा होगा। ’’

वहीं क्लोप ने फीफा की योजना के विरोध में कहा, ‘‘आखिरकार यह सब धन के लिये ही हो रहा है। बस इसका यही कारण है। ’’

बायर्न म्यूनिख के कोच जूलियन नागेल्समैन भी इसके खिलाफ थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके पक्ष में नहीं हूं। एक तरफ तो इससे खिलाड़ियों का कार्यभार बढ़ेगा और दूसरी ओर विश्व कप की महत्ता भी कम होगी। अगर यह प्रत्येक दो वर्ष में होगा तो इसकी अब जितनी अहमियत नहीं रहेगी। ’’

 एपी नमिता आनन्द

आनन्द