मप्र अदालत ने केंद्र से एनआरएआई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा, सरकार ने कहा कि उसका लाइसेंस रद्द

मप्र अदालत ने केंद्र से एनआरएआई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा, सरकार ने कहा कि उसका लाइसेंस रद्द

मप्र अदालत ने केंद्र से एनआरएआई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा, सरकार ने कहा कि उसका लाइसेंस रद्द
Modified Date: February 20, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: February 20, 2026 8:31 pm IST

जबलपुर, 20 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र से भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है क्योंकि उसके वकील ने बताया है कि महासंघ का लाइसेंस रद्द हो चुका है ।

आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिये अभ्यास के मकसद से कारतूस देने की मांग करने वाले इब्राहिम जावेद खान समेत निशानेबाजों की कई याचिकाओं की सुनवाई करते समय न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने हर निशानेबाज को 1000 कारतूस देने का निर्देश अधिकारियों को दिया ।

अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील को इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्ष बनाने का निर्देश देते हुए खेल श्रेणी के हथियारों के इस्तेमाल और खिलाड़ियों को मिलने वाले कारतूस की संख्या के बारे में भी केंद्र से राय मांगी ।

बृहस्पतिवार को जारी आदेश में अदालत ने कहा कि उसे ‘द यूनियन आफ इंडिया के वकील ने बताया है कि राइफल संघ का लाइसेंस रद्द हो गया है ।’

इसने आगे कहा ,‘‘ उसके पास हालांकि कोई आदेश नहीं था । उसे रिकॉर्ड पर आदेश जमा करने के लिये कहा गया है ।’

यह याचिका निशानेबाजों ने दायर की है जिनका दावा है कि मार्च में होने वाली प्रतिस्पर्धाओं के लिये वे अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि एक विवादास्पद फैसले के कारण उन्हें कारतूस नहीं मिल पा रहे ।

हर निशानेबाज को आगामी स्पर्धाओं की तैयारी के लिये एक हजार कारतूस तुरंत देने के आदेश के साथ अदालत ने सख्त निगरानी की मांग की और निशानेबाजों से उनका कोटा पूरा होने के बाद कलेक्टर को रिपोर्ट करने के लिये कहा ।

कारतूस के उचित इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद ही आगे और कारतूस दिये जायेंगे ।

एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने पीटीआई से कहा कि उनकी कानूनी टीम की बैठक बुलाई गई है हालांकि महासंघ को अदालत में किसी तरह के हलफनामे की जानकारी नहीं है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हमें सोशल मीडिया से ही जानकारी मिल रही है । मुझे लगता है कि कोई गलतफहमी है । हमें इस बारे में कोई नोटिस या पत्र नहीं मिला है । हमने अपनी कानूनी टीम से इस पर काम करके उचित उपाय करने के लिये कहा है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मध्यप्रदेश में निशानेबाजों के इसके अलावा कई मामले चल रहे हैं जिनमें उनके लाइसेंस लंबित हैं और उन्होंने एनआरएआई को उनमें भी पक्ष बनाया है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हम सरकार से भी बात कर रहे हैं कि कारतूस का कोटा कैसे बढाया जाये ।’’

भाषा

मोना आनन्द

आनन्द


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