प्रतिबंधित जगहों पर रील बनाना, देर रात तफरीह रहे आईपीएल में बीसीसीआई के कड़े रूख की वजह

प्रतिबंधित जगहों पर रील बनाना, देर रात तफरीह रहे आईपीएल में बीसीसीआई के कड़े रूख की वजह

प्रतिबंधित जगहों पर रील बनाना, देर रात तफरीह रहे आईपीएल में बीसीसीआई के कड़े रूख की वजह
Modified Date: May 9, 2026 / 04:55 pm IST
Published Date: May 9, 2026 4:55 pm IST

(जी उन्नीकृष्णन)

बेंगलुरू, नौ मई (भाषा) प्रतिबंधित जगहों पर रील्स बनाना, सुरक्षा मंजूरी के बिना तफरीह करना और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से खिलाड़ियों की निकटता ऐसी वजहें रही जिनके कारण बीसीसीआई को कड़े परामर्श जारी करने पड़े और अब आईपीएल टीमें निजता से समझौता किये बिना इनका पालन करने की कोशिश में जुटी हैं ।

बोर्ड की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई ने खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ और टीम अधिकारियों के होटल के कमरों में अनधिकृत मेहमानों को लेकर चेताया और यह भी आगाह किया कि यह ‘हनी ट्रैप’ हो सकता है । नतीजतन बीसीसीआई ने परामर्श जारी किया जिसमें मेहमानों पर प्रतिबंध के साथ खिलाड़ियों को अपनी गतिविधियों के बारे में सुरक्षा अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य कर दिया गया है ।

इसके उल्लंघन के प्रमुख मामलों में खिलाड़ियों की इंफ्लुएंसर्स से निकटता है जिनकी सेवायें प्रतिभागी टीमों के लिये सोशल मीडिया कंटेट तैयार करने के मकसद से अल्प अवधि के लिये ली जाती हैं ।

एक घटना में टीम के युवा खिलाड़ियों में से एक ने कंटेट टीम के नये सदस्य से रील्स बनाने , वीडियो और तस्वीरें लेने में उनकी मदद करने के लिये कहा जो उनके निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करने के लिये था ।

किसी खिलाड़ी के लिए नियो-मीडिया कंटेंट बनाने के लिए बाहर से मदद लेना कोई नयी बात नहीं है लेकिन इस खास मामले में ब्लॉगर ने ‘ट्रैक्शन’ पाने के लिए अपने प्राइवेट अकाउंट पर कुछ वीडियो और तस्वीरों का इस्तेमाल किया।

यह शूट सीमारेखा के भीतर किया गया जिसमें टीम के अभ्यास और अन्य मैदानी गतिविधियों के दृश्य हैं । बाद में खिलाड़ी के होटल के कमरे के भी दृश्य इसमें हैं ।

एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने पीटीआई से कहा ,‘‘ हमें बीसीसीआई से नये नियमों के निर्देश मिले हैं और उनका पालन कराने के उपाय किये जा रहे हैं । नये खिलाड़ी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और यह आधुनिक ट्रेंड है जिसे स्वीकार करना होगा लेकिन बीसीसीआई द्वारा तय सीमा के भीतर ही किया जाना चाहिये ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखना संभव नहीं है । यह एक मसला है । हम खिलाड़ियों और कंटेंट टीमों को बीसीसीआई के नियमों और उन्हें तोड़ने के परिणामों से अवगत करा रहे हैं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हम कंटेट टीम के सदस्यों की संख्या भी कम कर रहे हैं खासकर उनकी जिन्हें आईपीएल सत्र के दौरान दो तीन महीने के लिये नियुक्त किया जाता है । सीनियर खिलाड़ियों को नियमों के बारे में पता है और यह भी पता है कि उनका पालन कैसे करना है । पहली बार आईपीएल खेल रहे क्रिकेटरों को हालात की गंभीरता के बारे में पता नहीं है । वे सितारों का अनुसरण करके सोशल मीडिया पर लाइक्स और कमेंट्स चाहते हैं लिहाजा उन्हें जागरूक करना होगा ।’’

खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के कमरों में अनधिकृत आगंतुकों को लेकर बोर्ड की चिंता गहरा गई जब हाल ही में एक और खिलाड़ी अक्सर देर रात तक अपने कमरे में कुछ लोगों की मेजबानी करता पाया गया ।

बीसीसीआई के एसीयू अधिकारी ने टीम मैनेजर को समन किया लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं था ।

मैनेजर ने टीम में खिलाड़ी की वरिष्ठता का हवाला देकर उसका बचाव करने की कोशिश की ।

आईपीएल में बतौर टीम मैनेजर लंबे समय तक काम कर चुके एक पूर्व अधिकारी ने कहा ,‘‘ मैं हैरान नहीं हूं । कई बार खिलाड़ी अपने कद का फायदा उठाकर नियमों को ताक पर रख देते हैं । एक बार मैने एक खिलाड़ी से कहा था कि दोस्तों से लॉबी रेस्त्रां में मिले, अपने कमरे में नहीं । इस पर उसने कहा कि आप चिंता मत करो, मैं बोर्ड अधिकारियों से कह दूंगा, अगर वे पूछेंगे तो ।’’

एक अन्य घटना में एक खिलाड़ी ने टीम अधिकारी के कॉल का जवाब नहीं दिया जिसने सूचना देने के लिये उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया था ।

वह खिलाड़ी देर रात अपने दोस्तों के साथ होटल में आया लेकिन इस बात को दबा दिया गया क्योंकि खिलाड़ी टीम मालिकों के करीब माना जाता है ।

भाषा

मोना नमिता

नमिता


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