मनिका ने टीटीएफआई के संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया पर पीछे हटीं

मनिका ने टीटीएफआई के संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया पर पीछे हटीं

मनिका ने टीटीएफआई के संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया पर पीछे हटीं
Modified Date: June 26, 2026 / 11:10 am IST
Published Date: June 26, 2026 11:10 am IST

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) ने आगामी एशियाई खेलों के लिए टीम चुनते समय अपने ही संविधान का उल्लंघन किया है लेकिन उन्होंने यह भी माना कि वह ‘मानसिक रूप से थक चुकी हैं’ और ‘हथियार डाल रही हैं’।

हालांकि महासंघ का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई थी।

जब टीटीएफआई ने आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों के लिए अपनी 10 सदस्यीय टीम की घोषणा की थी तो 31 वर्षीय मनिका का नाम रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया था।

सोशल मीडिया पर एक बयान में मनिका ने दावा किया कि हालांकि टीटीएफआई ने उन्हें सूचित किया था कि चयन प्रक्रिया ‘पूरी तरह से नियमों के अनुसार’ थी लेकिन उनके पास मौजूद दस्तावेजों से पता चला कि नौ सदस्यीय चयन समिति ने एशियाई खेलों की टीम को अंतिम रूप दिया था।

मनिका ने आरोप लगाया कि यह टीटीएफआई के संविधान के नियम 24(सी)(जे) के खिलाफ था जिसमें कहा गया है कि किसी भी उप समिति में सात से अधिक सदस्य नहीं हो सकते।

मनिका ने कहा, ‘‘नौ सदस्यीय समिति ने मेरा भविष्य तय किया, फिर भी मुझे बताया जा रहा है कि प्रक्रिया संविधान और नियमों के पूरी तरह अनुरूप थी।’’

राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता और तीन बार की ओलंपियन मनिका ने कहा कि वह इस मामले पर फैसला जनता पर छोड़ देंगी, विशेषकर उन लोगों पर जो लगातार कहते रहे हैं कि नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें सभी पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।

मनिका ने कहा कि वह थक चुकी हैं और टीटीएफआई के साथ इस लड़ाई को जारी नहीं रखना चाहती।

मनिका ने कहा, ‘‘मैं इस लड़ाई से मानसिक रूप से थक चुकी हूं और फिलहाल मैं अपने हथियार डाल रही हूं।’’

उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अमेरिका में चल रहे एक टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर है।

मनिका ने कहा, ‘‘आज मेरे पास एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं अभी एक टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूं और अब मेरा पूरा ध्यान टूर्नामेंट पर होगा।’’

चुनी गई टीम को शुभकामनाएं देते हुए मनिका ने कहा, ‘‘चुनी गई टीम की मैं सफलता की कामना करती हूं। जाएं और भारत का नाम रोशन करें।’’

यह विवाद 2026 एशियाई खेलों के लिए भारत की मुख्य टीम से मनिका को बाहर किए जाने से शुरू हुआ है। उन्होंने पहले भी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निरंतरता पर सवाल उठाए हैं जबकि टीटीएफआई का कहना है कि टीम को उनकी चयन नीति के हिसाब से चुना गया था।

टीटीएफआई के अनुसार खिलाड़ियों को एक ऐसे फॉर्मूले से चुना गया जिसमें राष्ट्रीय रैंकिंग को 50 प्रतिशत, विश्व रैंकिंग को 40 प्रतिशत और चयन समिति के रुख को 10 प्रतिशत भार दिया गया।

हालांकि मनिका अंतरराष्ट्रीय सर्किट में भारत की दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला एकल खिलाड़ी बनी हुई हैं लेकिन कई घरेलू टूर्नामेंट में शामिल नहीं हो पाने की वजह से उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग पर असर पड़ा जो चयन प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।

महिला टीम की कप्तानी भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला खिलाड़ी और दुनिया की 45वें नंबर की खिलाड़ी श्रीजा अकुला करेंगी।

टीम में यशस्वी घोरपड़े, दिया चितले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास भी शामिल हैं। मनिका के साथ सवास्तिका घोष को भी रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुना गया था।

भाषा सुधीर

सुधीर


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