गोपीचंद की अध्यक्षता वाले कार्यबल के सुझाव पर कोचों को मान्यता देने के लिये बोर्ड बनायेगा मंत्रालय
गोपीचंद की अध्यक्षता वाले कार्यबल के सुझाव पर कोचों को मान्यता देने के लिये बोर्ड बनायेगा मंत्रालय
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा ) देश में कोचिंग व्यवस्था में सुधार के लिये पुलेला गोपीचंद की अध्यक्षता वाले कार्यबल की सिफारिशों पर अमल करते हुए खेल मंत्रालय राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड (एनसीएबी) का गठन करेगा ।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया ,‘‘ देश में कोचिंग की गुणवत्ता के मानकीकरण के लिए एक ‘राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड’ गठित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।‘‘
मंत्रालय द्वारा गठित नौ सदस्यीय कार्यबल ने सुझाव दिया था कि टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) की तर्ज पर कोचों के लिये भी योजना होनी चाहिये और एनसीएबी उनके शिक्षण, मान्यता और प्रशासन के लिये शीर्ष ईकाई होनी चाहिये । कार्यबल ने जनवरी में 43 पन्नों की रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी थी ।
खेलमंत्री ने कहा ,‘‘ हम कोचिंग को खेल विज्ञान से जोड़ने जा रहे हैं । मेरा मानना है कि खेल विज्ञान का अभी पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है क्योंकि कोच नये सुझावों पर अमल करने को लेकर उतने उत्सुक नहीं रहते ।’’
गोपीचंद की अध्यक्षता वाले कार्यबल ने कहा था कि एनसीएबी में भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष, खेल सचिव, विभिन्न मंत्रालयों में प्रभाव रखने वाला राष्ट्रस्तर पर ख्यातिप्राप्त व्यक्ति और एक शिक्षाविद् होना चाहिये ।
रिपोर्ट में कहा गया था ,‘‘ एनसीएबी भारत के कोचिंग इकोसिस्टम का केंद्र होगा जो मानदंड बनायेगा, जवाबदेही तय करेगा और सरकार, महासंघ, शिक्षा संस्थानों और ओलंपिक आंदोलन को एक मंच पर लेकर आयेगा ।’’
इस समय ओलंपिक खेलों में कोचों की ट्रेनिंग पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान के डिप्लोमा कोर्स के जरिये होती हे ।
कार्यबल ने भारत की कोचिंग व्यवस्था को बिखरी हुई, अनिरंतर और व्यक्तिगत प्रयासों पर निर्भर बताते हुए कहा था कि जब अभ्यास मुश्किल हो जाये तो खिलाड़ियों की असहजता पर कोचों के अधिकार को प्राथमिकता दी जानी चाहिये ।
मंत्रालय ने कहा कि एनसीएबी के गठन के लिये प्रशासन का ढांचा और रूपरेखा तैयार की जा रही है । इसके साथ ही राष्ट्रीय कोच रजिस्ट्री, मान्यता पोर्टल और कोचों के लिये हेल्पलाइन भी बनाई जायेगी ।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि तीन चार राष्ट्रीय खेल महासंघों में पहले लागू करने के बाद इसका विस्तार किया जायेगा । मंत्रालय ने कहा कि एक बार लागू होने पर यह पारदर्शी, जवाबदेह और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी कोचिंग ढांचा तैयार करेगा ।
खेलमंत्री ने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण में रिक्त पड़े 700 से अधिक कोचिंग पदों पर इस साल के आखिर तक नियुक्तियां की जायेंगी ।
उन्होंने कहा ,‘‘ प्रतिनियुक्ति के जरिये सहायक कोचों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है । ओलंपियनों को कोच के रूप में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि उनके अनुभव का लाभ युवा खिलाड़ियों को मिल सके ।’’
भाषा
मोना सुधीर
सुधीर

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