पडिक्कल और सुथार का शानदार प्रदर्शन, टेस्ट में गेंदबाजी पर अब भी सवाल

पडिक्कल और सुथार का शानदार प्रदर्शन, टेस्ट में गेंदबाजी पर अब भी सवाल

पडिक्कल और सुथार का शानदार प्रदर्शन, टेस्ट में गेंदबाजी पर अब भी सवाल
Modified Date: August 28, 2026 / 03:06 pm IST
Published Date: August 28, 2026 3:06 pm IST

(जी उन्नीकृष्णन)

कोलंबो, 28 अगस्त (भाषा) भारत तीन हफ्ते पहले श्रीलंका दौरे पर कई सवालों के साथ पहुंचा था, लेकिन सबसे बड़ी सकारात्मक बात देवदत्त पडिक्कल का तीसरे नंबर पर अच्छी बल्लेबाजी करना रहा है जबकि मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन करके यह मजबूत दावा पेश किया है कि आने वाले वर्षों में वह रविंद्र जडेजा की जगह टीम के प्रमुख टेस्ट स्पिनर बन सकते हैं।

टीम प्रबंधन इस बात से भी खुश होगा कि भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया। इससे पहले न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट मैचों में स्पिन को नहीं खेल पाने के कारण बल्लेबाजों की काफी आलोचना हुई थी।

श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी में पडिक्कल ने अगुआई की। श्रृंखला में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों के खिलाफ स्वीप और अलग-अलग शॉट्स का इस्तेमाल किया। लेकिन पडिक्कल ने अलग तरीका अपनाया। उन्होंने बैकफुट पर शानदार खेल और सटीक फुटवर्क के जरिए स्पिनरों का सामना किया।

पडिक्कल के शुरुआती कोच मोहम्मद नसीरुद्दीन ने कर्नाटक के इस बल्लेबाज की रणनीति के बारे में बताया।

नसीरुद्दीन ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम सीरीज से पहले इसी चीज पर काम कर रहे थे। अगर आप क्रीज पर ही टिके रहते हैं, तो स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजी करना मुश्किल होता है। इसलिए हम अभ्यास कर रहे थे कि गेंद के जितना संभव हो सके करीब जाएं या क्रीज से बाहर निकलकर ड्राइव खेलें। ’’

इस मेहनत का नतीजा दो मैच की सीरीज में देखने को मिला। पडिक्कल को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। उन्होंने तीन पारियों में 109.33 की औसत से 328 रन बनाए जिसमें दो शतक भी शामिल थे।

ऐसा लगता है कि पडिक्कल ने फिलहाल बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर पर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है, भले ही चोट से उबरने के बाद बी साई सुदर्शन टीम में वापस क्यों न आ जाएं।

कप्तान शुभमन गिल ने बृहस्पतिवार को मैच खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘अगर वह इसी तरह बल्लेबाजी करते रहे, तो हम निश्चित रूप से उन्हें तीसरे नंबर पर रखेंगे। ’’

ध्रुव जुरेल ने निचले क्रम में भारत को अपनी बल्लेबाजी में रणनीतिक बदलाव का विकल्प दिया है। शुरुआत में वह विकेटकीपर-बल्लेबाज थे, लेकिन अब ऋषभ पंत के बाद छठे नंबर पर विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में खेल रहे हैं।

जुरेल की खासियत यह है कि वह जरूरत के हिसाब से अपना खेल बदल सकते हैं। वह एकदम शांत स्थिति से अचानक तेजी से रन बना सकते हैं या मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी कर सकते हैं।

गॉल में उन्होंने तेजी से 51 रन बनाए। इसके बाद सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में उन्होंने पहले पंत का साथ दिया और फिर खुद भी शतक जड़ दिया।

जुरेल तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ बल्लेबाजी करने में काफी सहज दिखते हैं। उन्होंने अपने दूसरे टेस्ट में शतक के दौरान स्पिनरों की 101 गेंदों का सामना किया और 56 रन बनाए।

तेज गेंदबाजों ने उन्हें बाउंसर से परेशान करने की कोशिश की, लेकिन सिर्फ सात बाउंसर डालने के बाद उन्होंने यह रणनीति छोड़ दी। जुरेल ने इन गेंदों पर भी 15 रन बना लिए।

अब छठे नंबर पर जुरेल भारत के ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जो पिच और परिस्थिति के अनुसार अपना खेल बदल सकते हैं।

गिल ने कहा, ‘‘देव और ध्रुव ने हमारी बल्लेबाजी में काफी मजबूती और आत्मविश्वास बढ़ाया है। मेरा हमेशा मानना है कि अगर आप टेस्ट मैच में साढ़े तीन से चार सत्र तक रन बनाते रहते हैं, तो आप हमेशा मुकाबले में बने रहते हैं। ’’

उन्होंने कहा था, ‘‘हमारे पास ऐसे गेंदबाज हैं जो 20 विकेट लेने की क्षमता रखते हैं। जब तक हम लगातार 350-400 रन स्कोरबोर्ड पर बनाते रहेंगे, तब तक हम हमेशा मैच में बने रहेंगे। यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि हम ऐसा कर पा रहे हैं। ’’

जुरेल की तरह बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने भी परिस्थितियों के अनुसार अपनी गेंदबाजी में बदलाव करने की जरूरत को समझा।

गॉल में सुथार को थोड़ी ड्रिफ्ट, उछाल और टर्न मिला जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। इसका नतीजा यह रहा कि उन्होंने मैच में 10 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

लेकिन एसएससी की पिच पर ये सभी चीजें काफी धीमी गति से हुईं इसलिए सुथार को अपनी गेंदबाजी में बदलाव करना पड़ा। 63 ओवर गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने छह विकेट लिए और मैच ड्रॉ रहा।

गॉल में सुथार ने लगभग 80-85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की थी, लेकिन यहां धीमी पिच पर गेंद से मदद लेने के लिए उन्हें अपनी गति लगभग 10 किमी प्रति घंटे बढ़ानी पड़ी।

भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले सुथार के प्रदर्शन से संतुष्ट दिखे।

बहुतुले ने कहा, ‘‘यह मानव के लिए एक अच्छा अनुभव है। यह उसका तीसरा टेस्ट है और उसे अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। उसे पता था कि बल्लेबाज उस पर आक्रामक तरीके से हमला करेंगे। वह अभी सीख रहा है। हमें उसका संघर्ष करने का जज्बा बहुत पसंद है। वह हमेशा शत प्रतिशत देता है। ’’

प्रसिद्ध कृष्णा ने भी कुछ सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने चारों पारियों में लगातार तेज गति और पूरी ऊर्जा के साथ गेंदबाजी की।

हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा को मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की कमी भी पूरी करनी पड़ी। सिराज इस मैच में अपने सामान्य जोश और प्रभाव के साथ गेंदबाजी करते हुए नजर नहीं आए और उनके खाते में सिर्फ चार विकेट आए।

गिल ने हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज के चोटिल होने की किसी भी आशंका को खारिज किया। वहीं गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल का मानना था कि सिराज ने भारतीय गेंदबाजी इकाई के नेतृत्वकर्ता के रूप में टीम को काफी मजबूती दी।

मॉर्कल ने कहा, ‘‘वह ऐसा खिलाड़ी है जो शरीर में दर्द होने के बावजूद पूरे दिन दौड़कर गेंदबाजी कर सकता है। मेरे लिए उनका यह जज्बा, नेतृत्व और दूसरे खिलाड़ियों को उदाहरण देकर दिखाना बहुत महत्वपूर्ण है। वह पिच से किसी तरह की मदद हासिल करने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मेरे लिए वह हमारी टीम के अहम खिलाड़ी हैं और अगुआ है। जब परिस्थितियां मुश्किल हों और बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने की कोशिश कर रहे हों, तो वह उस साझेदारी को तोड़ सकते हैं। ’’

लेकिन सीरीज की आखिरी पारी में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा सकता है जिससे एक पुरानी कमजोरी फिर सामने आ गई।

श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने अपनी दूसरी पारी में करीब पांच सत्र तक बल्लेबाजी की और कोलंबो टेस्ट को ड्रॉ कराने में सफल रहे। पदार्पण कर रहे ऑफ-स्पिनर सारांश जैन ज्यादा प्रभाव नहीं डाल सके क्योंकि उनकी गेंदबाजी की लेंथ में लगातार एकरूपता नहीं थी।

जैन के प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से गॉल टेस्ट में औसत प्रदर्शन करने वाले बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को अगले ही मैच से बाहर रखने को लेकर चर्चा हो सकती है।

हालांकि इन कमियों के बावजूद मुख्य कोच गौतम गंभीर और गिल इस सीरीज में 1-0 की जीत से खुश होंगे। इस जीत से टेस्ट टीम को लेकर चल रही कई चर्चाओं और सवालों पर फिलहाल कुछ समय के लिए विराम लग जाएगा।

भाषा नमिता पंत

पंत


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