प्रियांश और कोनोली के अर्धशतकों से पंजाब किंग्स ने एलएसजी को दिया 255 रन का लक्ष्य

प्रियांश और कोनोली के अर्धशतकों से पंजाब किंग्स ने एलएसजी को दिया 255 रन का लक्ष्य

प्रियांश और कोनोली के अर्धशतकों से पंजाब किंग्स ने एलएसजी को दिया 255 रन का लक्ष्य
Modified Date: April 19, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: April 19, 2026 9:55 pm IST

मुल्लांपुर, 19 अप्रैल (भाषा) वैभव सूर्यवंशी के साथ देश की सबसे रोमांचक टी20 बल्लेबाजी प्रतिभाओं से एक सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य की 37 गेंद में 93 रन की अर्धशतकीय पारी और कूपर कोनोली (87 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 182 रन की साझेदारी से पंजाब किंग्स ने रविवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ सात विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

दिल्ली के 24 साल के खिलाड़ी प्रियांश ने अपनी पारी के दौरान नौ छक्के और चार चौके लगाए जबकि ऑस्ट्रेलिया के कोनोली की 46 गेंद की पारी में आठ चौके और सात छक्के जड़े थे। इन दोनों के बीच 80 गेंद की साझेदारी में 16 छक्के (नौ प्रियांश ने लगाए) और 12 चौके जड़े थे।

मार्कस स्टोइनिस ने पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट होने से पहले 29 रन का योगदान दिया।

पावरप्ले में एक विकेट पर 63 रन का स्कोर अच्छा था, लेकिन सातवें से 11वें ओवर के बीच का मध्य चरण और भी बेहतर रहा जिसमें 66 रन बने।

मजबूत कद-काठी वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज प्रियांश काफी कम फुटवर्क के बस एक जगह खड़े होकर पूरी ताकत और बल्ले की पूरी गति से शॉट लगाते रहे जिससे गेंदें तेजी से बाउंड्री के पार जाती रहीं।

उन्होंने फुल लेंथ गेंदों को सीधे या एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से मारा। छोटी और वाइड गेंदों को उन्होंने कट या रैंप शॉट से खेला जबकि कंधे की ऊंचाई पर आई बाउंसर गेंदों को उन्होंने बिना चेहरे पर कोई भाव लाए, पुल या हुक शॉट से बाउंड्री के पार भेज दिया।

प्रियांश ने गौतम गंभीर के बचपन के कोच संजय भारद्वाज से भी क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं।

वहीं कोनोली का अंदाज बिल्कुल अलग था। एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से उनके ऊंचे छक्के और फ्रंट-फुट पर आकर डीप मिड-विकेट स्टैंड में लगाए गए पुल-शॉट देखकर उनकी फ्रेंचाइजी के कोच रिकी पोंटिंग को भी उन पर गर्व हुआ होगा।

दोनों की बल्लेबाजी शैली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थी। प्रियांश ने अपना अर्धशतक सिर्फ 19 गेंदों में पूरा किया जबकि अगले 43 रन बनाने के लिए उन्होंने 18 गेंदें लीं। दूसरी ओर कोनोली ने थोड़ा समय लिया, उन्होंने 35 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किया, लेकिन अगले 37 रन सिर्फ 12 गेंदों में बना दिए।

दिल्ली का यह युवा खिलाड़ी तब भी बिल्कुल भी विचलित नहीं हुआ, जब उसका पारी की शुरूआत करने वाला जोड़ीदार प्रभसिमरन सिंह मोहम्मद शमी की एक आउटस्विंगर गेंद पर किनारा लगने से अपनी पहली ही गेंद पर आउट हो गया।

एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत को निश्चित रूप से इस बात का पछतावा होगा कि जब पारी की शुरुआत में ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान ने कोनोली को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया था तो उन्होंने डीआरएस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया।

रिप्ले से यह साफ हो गया कि अगर डीरआरएस लिया जाता तो टीवी अंपायर कोनोली को आउट करार दे देते।

इसके बाद मोहसिन का आत्मविश्वास डगमगा गया और उन्होंने अपने तीसरे ओवर में 20 रन लुटा दिए जिससे मैच की पूरी लय एलएसजी के हाथों से निकल गई।

उनके लिए एकमात्र राहत की बात प्रिंस यादव (चार ओवर में 25 रन देकर दो विकेट) रहे।

कोनोली और प्रियांश दोनों ही बहुत कम समय के अंतराल पर आउट हो गए। हालांकि उस समय दोनों का शतक लगाना आसान लग रहा था।

यह भारतीय युवा खिलाड़ी अपना 10वां छक्का लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मिचेल मार्श ने बाउंड्री लाइन पर उसे कैच कर लिया।

एलएसजी के मालिक संजीव गोयनका राहत की सांसा लेते हुए नज़र आए। वहीं दूसरी ओर प्रियांश और कोनोली की जोड़ी ने जो नुकसान पहले ही कर दिया था, उसकी भरपाई करना अब नामुमकिन सा लग रहा था।

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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