डेविस कप में इस साल चार हार के बावजूद राजपाल ने नागल का समर्थन किया
डेविस कप में इस साल चार हार के बावजूद राजपाल ने नागल का समर्थन किया
…अमनप्रीत सिंह…
सियोल, 19 सितंबर (भाषा) डेविस कप में कोरिया के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना करने के बाद भारत के शीर्ष खिलाड़ी सुमित नागल ने माना कि वह क्वोन सूनवू से शारीरिक रूप से थोड़ा पीछे रह गए। इस सत्र में डेविस कप के चारों एकल मुकाबलों में नागल की यह चौथी हार है। कप्तान रोहित राजपाल ने हालांकि उनका बचाव करते हुए टीम से आगे सकारात्मक सोच के साथ बढ़ने की अपील की। भारतीय टीम शुक्रवार को शुरुआती दिन ही 0-2 से पिछड़ गई थी। दोनों भारतीय एकल खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबलों में पहला सेट जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन बढ़त को बरकरार नहीं रख सके और मुकाबले गंवा बैठे। पहले दिन ह्योन चुंग के खिलाफ लंबे मुकाबले में जूझने वाले नागल निर्णायक उलट एकल में क्वोन के खिलाफ अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में नजर नहीं आए। क्वोन ने उन्हें 6-1, 6-2 से हराकर कोरिया की जीत पक्की कर दी। नागल ने इस हार के बाद कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह मानसिक से ज्यादा शारीरिक मामला था। उसने बहुत ऊंचे स्तर का खेल दिखाया। मैं एक स्तर नीचे था और वह एक स्तर ऊपर। यही हमारे बीच बड़ा अंतर बना। उसने मुझे पूरी तरह मात दी, बस इतनी ही बात है।” नागल ने कहा कि मुकाबले की परिस्थितियां क्वोन के खेल के अनुकूल थीं। उन्होंने कहा, “इन परिस्थितियों में उसे चुनौती देना बहुत मुश्किल है। यहां उसे मात देना आसान नहीं है। ये परिस्थितियां उसके लिए काफी अनुकूल हैं। वह कंधे से ऊपर आने वाली गेंदों पर ज्यादा प्रहार नहीं कर पाता, जबकि मेरी खेल शैली उससे बिल्कुल अलग है।” भारतीय खिलाड़ी का मानना था कि पिछले मुकाबले के छोटा रहने के कारण क्वोन शारीरिक रूप से भी अधिक तरोताजा थे। नागल ने कहा कि उनका मुकाबला लंबा चला था और उसमें काफी लंबी रैलियां हुई थीं, जबकि क्वोन के मैच में अंक अपेक्षाकृत तेजी से खत्म हुए। उन्होंने कहा, “आप देख सकते थे कि आज वह शारीरिक रूप से मुझसे बेहतर था, जिसकी उम्मीद भी थी।” भारतीय कप्तान रोहित राजपाल ने हार के लिए नागल को जिम्मेदार ठहराने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि टीम जीतती और हारती दोनों ही सामूहिक रूप से है। राजपाल ने कहा, “हम एक टीम के रूप में खेलते हैं। मैं किसी एक खिलाड़ी को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराने वाला। हम टीम के रूप में जीतते हैं। बेंगलुरु में भी उसके शरीर में चोट थी, उसने खुद उसे टेप किया था। हमने किसी को नहीं बताया और वह मुकाबला लगभग जीत ही गया था। हर खिलाड़ी के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।” राजपाल के मुताबिक भारत अहम मौकों को अपने पक्ष में करने में नाकाम रहा और घरेलू परिस्थितियों का फायदा कोरिया को मिला। उन्होंने कहा, “हम मुकाबला अपने पक्ष में खत्म करने में चूक गए और किस्मत भी उनके पक्ष में रही। कई चीजें उनके पक्ष में गईं। डेविस कप में घरेलू परिस्थितियों का फायदा महत्वपूर्ण होता है, लेकिन हमें मुकाबले को अपने पक्ष में समाप्त करना चाहिए था।” कोरिया से हार के बाद भारत अब 2027 में डेविस कप क्वालिफायर्स के पहले दौर में खेलेगा। भाषा आनन्द पंतपंत

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