सात्विक कंधे की चोट से पूरी तरह उबरने के करीब, विश्व चैंपियनशिप में खेलने को तैयार: कोच किम हर
सात्विक कंधे की चोट से पूरी तरह उबरने के करीब, विश्व चैंपियनशिप में खेलने को तैयार: कोच किम हर
(सुधीर उपाध्याय)
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) भारत के मुख्य युगल कोच टैन किम हर ने पुष्टि की है कि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी कंधे की चोट से उबर गए हैं और चिराग शेट्टी के साथ मिलकर 17 अगस्त से यहां शुरू हो रही बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में भारत की चुनौती की अगुआई करने को तैयार हैं।
सात्विक की कंधे की चोट जुलाई में जापान ओपन के दौरान फिर उभर आई थी जिसके कारण सात्विक और चिराग को पुरुष युगल के पहले दौर के मुकाबले के बीच से हटना पड़ा। इस जोड़ी ने इसके बाद चीन ओपन से भी नाम वापस ले लिया था।
यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी सात्विक और चिराग को भारत के लिए पदक का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। पहले दौर में बाई हासिल करने वाली यह पांचवीं वरीय जोड़ी अपने अभियान की शुरुआत दूसरे दौर से करेगी।
मलेशियाई कोच किम हर ने सात्विक की चोट से जुड़ी चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि उनका कंधा लगभग पूरी तरह ठीक हो गया है और वह कोर्ट पर उतरने के लिए तैयार हैं।
किम हर ने बुधवार को यहां बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप के ड्रॉ के इतर कहा, ‘‘सात्विक का कंधा अब लगभग पूरी तरह ठीक हो गया है और मुझे लगता है कि वह 17 तारीख को खेलने के लिए तैयार है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उसने रिलायंस के साथ रिहैब (चोट से उबरने की प्रक्रिया) किया है। मुझे लगता है कि वहां उनके पास अच्छा सहयोगी स्टाफ है। मुझे लगता है कि उसमें काफी सुधार हो रहा है। रिहैब अब भी चल रहा है लेकिन स्थिति बहुत बेहतर हो रही है।’’
कुछ समय पहले कमर की चोट से परेशान पर रहे चिराग पर कोच ने कहा, ‘‘कोई समस्या नहीं है। वह पूरी तरह से फिट है।’’
विश्व चैंपियनशिप के लिए इस स्टार जोड़ी की तैयारी से जुड़े सवाल के जवाब में किम हर ने कहा, ‘‘सात्विक-चिराग के सिंगापुर ओपन जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास बहुत अच्छा था लेकिन उसके बाद उन्हें फिर से ब्रेक लेना पड़ा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तो अभी तैयारी अच्छी है लेकिन अहम बात आत्मविश्वास है। अब मानसिक स्थिति की बात है क्योंकि वे एक महीने से अधिक समय तक बाहर रहे हैं। क्या वे अपनी लय वापस पा सकते हैं या नहीं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए मुझे लगता है कि वे सकारात्मक हैं।’’
भारत के हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी भी पुरुष युगल में चुनौती पेश करेगी और पहले दौर में आयरलैंड की जोड़ी से भिड़ेगी।
भारतीय पुरुष जोड़ियों को मिले ड्रॉ पर संतोष जताते हुए कोच ने कहा, ‘‘सात्विक और चिराग को पहला मुकाबला थाईलैंड की जोड़ी के खिलाफ खेलना पड़ सकता जो ठीक-ठाक लग रहा है। लेकिन कुछ भी आसान नहीं होता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार में एक ही मैच पर ध्यान देंगे। यही बात हरि और अर्जुन पर भी लागू होती है। वे आयरलैंड के खिलाफ खेल रहे हैं। मिश्रित युगल में भी यही स्थिति है। ध्रुव (कपिला) और तनीषा (क्रास्टो)नीदरलैंड की जोड़ी के खिलाफ खेलेगी। मुझे इन तीन जोड़ियों की जिम्मेदारी दी गई है।’’
किम हर ने कहा कि सात्विक और चिराग के प्रदर्शन में निरंतरता रही है लेकिन इन दोनों को चोटों ने काफी परेशान किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें जो चीज परेशान कर रही है, वह है चोट। यही बात मुझे भी परेशान कर रही है और उन्हें भी। सात्विक के मामले में उसके कंधे की चोट 2018 से ही है और मुझे लगता है कि उसे पहले से ही टियर (मांसपेशी फटने) की समस्या थी।’’
कोच ने कहा, ‘‘तो यह कभी ठीक होती है, कभी फिर से हो जाती है। उम्मीद है कि इस बार वह इससे उबर पाएगा। यही मेरी चिंता है। इसके अलावा वे दोनों बहुत प्रतिबद्ध और अनुशासित हैं लेकिन चोट के मामले में हम कुछ नहीं कर सकते।’’
बैडमिंटन में कार्यक्रम काफी व्यस्त है क्योंकि विश्व चैंपियनशिप के बाद एशियाई खेल भी होने हैं और ऐसे में किम हर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिताओं का चयन करना बेहद महत्वपूर्ण है। कोच ने साथ ही कहा कि सात्विक और चिराग की जोड़ी अपने दिन दुनिया की किसी भी प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को हरा सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सात्विक-चिराग के प्रदर्शन में निरंतरता है क्योंकि वे कम टूर्नामेंट खेलते हैं। बाकी खिलाड़ी लगभग 18-19 टूर्नामेंट खेलते हैं लेकिन उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव वाला रहता है।’’
किम हर ने कहा, ‘‘अगर सात्विक-चिराग अच्छी फॉर्म में हों तो वे किसी को भी हरा सकते हैं। लेकिन मैं उनसे कहता हूं कि उन्हें मनोवैज्ञानिक पहलुओं और इन सब चीजों पर भी ध्यान देना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके लिए सबसे जरूरी चीज आत्मविश्वास और मानसिक रूप से तैयार रहना है। अगर वे मजबूत स्थिति में हों तो वे किसी को भी हरा सकते हैं जैसा कि हमने सिंगापुर ओपन में देखा। लेकिन अगर उस दिन वे मानसिक रूप से मजबूत नहीं हों तो वे किसी से भी हार सकते हैं।’’
किम हर ने कहा, ‘‘मैं हमेशा उनसे कहता हूं कि हमें सही समय चुनना होगा। हम जानते हैं कि हम हर टूर्नामेंट नहीं जीत सकते। यह बात सभी जानते हैं कि हर टूर्नामेंट जीतना मुमकिन नहीं है। लेकिन सबसे जरूरी चीज बड़े टूर्नामेंट हैं। हम बड़े टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करते हैं। मैं उन्हें यही समझाता हूं। विश्व चैंपियनशिप के एक महीने बाद एशियाई खेल हैं।’’
सात्विक और चिराग एशियाई खेलों में गत चैंपियन हैं और कोच ने कहा कि वे विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
किम हर ने कहा, ‘‘मैं उनसे यही कहता हूं कि मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है। बस इन बड़े टूर्नामेंट – विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेल- पर अधिक ध्यान देने की कोशिश करें। वे अभी इन्हीं पर ध्यान दे रहे हैं।’’
भाषा सुधीर मोना
मोना

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