निशानेबाजी कोच मोनाली गोरहे का 44 साल की उम्र में निधन

निशानेबाजी कोच मोनाली गोरहे का 44 साल की उम्र में निधन

निशानेबाजी कोच मोनाली गोरहे का 44 साल की उम्र में निधन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:26 pm IST
Published Date: May 20, 2021 1:15 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) कोविड-19 संक्रमण से उबर चुकी निशानेबाजी कोच और तकनीकी अधिकारी मोनाली गोरहे का गुरूवार को म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) के कारण निधन हो गया।

वह 44 वर्ष की थीं और उनके परिवार में उनकी मां और एक बहन हैं। उनका निधन भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए बड़ी क्षति है।

मोनाली कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती हुई थी, लेकिन उन्हें छुट्टी दे दी गई। उन्हें म्यूकोर्मिकोसिस के चपेट में आने के बाद इलाज के लिए फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने वाले कई लोग ब्लैक फंगस के चपेट में आ रहा है। यह एक फंगल (कवक) संक्रमण है जो नाक, आंख और कई बार मस्तिष्क को प्रभावित करता है।

उनके निधन से कुछ घंटे पहले उनके पिता मनोहर गोरहे की भी कोविड-19 संक्रमण के कारण मौत हो गयी थी।

मोनाली पिस्टल कोर समूह की कोच थी।

उन्होंने इससे पहले श्रीलंकाई निशानेबाजी टीम के राष्ट्रीय कोच के रूप में भी काम किया था। उन्होंने नासिक में ‘एक्सेल शूटिंग’ नामक निशानेबाजी कोचिंग सेंटर स्थापित किया था, जहाँ वह महाराष्ट्र के सैकड़ों छात्रों को प्रशिक्षण दे रही थी।

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने मोनाली और उनके पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया।

एनआरएआई से जारी बयान के मुताबिक, ‘‘बड़े दुख के साथ हम सूचित करते हैं कि कोर ग्रुप की पिस्टल कोच और कुशल तकनीकी अधिकारी मोनाली गोरहे का आज ब्लैक फंगस संक्रमण के कारण निधन हो गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह बड़े दुख की बात है कि उनके पिता का भी आज निधन हो गया। निशानेबाजी बिरादरी उनके निधन पर शोक व्यक्त करती है।’’

भाषा आनन्द पंत

पंत


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