इंडिया ओपन जैसी अव्यवस्था से बचने के लिए खेल मंत्रालय ने साई से एसओपी तैयार करने को कहा

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इंडिया ओपन जैसी अव्यवस्था से बचने के लिए खेल मंत्रालय ने साई से एसओपी तैयार करने को कहा

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 07:22 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 07:22 PM IST

नयी दिल्ली (भाषा) ओलंपिक की मेजबानी की चाहत रखने वाले देश के तौर पर भारत पर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय निगरानी को ध्यान में रखते हुए खेल मंत्रालय ने साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) से एक मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा है ताकि हाल में यहां हुए बैडमिंटन इंडिया ओपन में हुई गलतियों जैसी चूक दोबारा नहीं हों।

इंडियन ओपन में कोर्ट पर पक्षियों की बीट, दर्शक दीर्घा में बंदर की मौजूदगी और ट्रेनिंग सुविधाओं में अस्वच्छता ने टूर्नामेंट की छवि को नुकसान पहुंचाया।

साई पर नयी दिल्ली में स्थित पांच स्टेडियम के रखरखाव की जिम्मेदारी है जिनमें इंडिया ओपन की मेजबानी करने वाला इंदिरा गांधी स्टेडियम भी शामिल है।

एक सूत्र ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘‘हम राष्ट्रीय खेल महासंघों को आयोजन की स्वतंत्रता देना चाहते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि जब कुछ गलत होता है तो जवाबदेही हमेशा खेल मंत्रालय की ही होती है। इसलिए यही उचित है कि मंत्रालय योजना के स्तर पर ही इसमें शामिल रहे। ’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसलिए एक एसओपी तैयार की जाएगी ताकि भारत में होने वाले हर टूर्नामेंट की सही ढंग से योजना बने और खासकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को किसी तरह की असुविधा नीं हो। इस व्यवस्था के जरिए मंत्रालय निगरानी रखेगा। ’’

डेनमार्क की बैडमिंटन खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने इंडिया ओपन के दौरान असुविधाओं को लेकर खुलकर बात की थी और अगस्त में इसी स्थल पर होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग भी की।

अब तक भारत में खेल टूर्नामेंट में मंत्रालय की भूमिका मुख्य रूप से वित्तीय सहायता तक सीमित रही है, लेकिन 2036 ओलंपिक की बोली को देखते हुए भविष्य में मंत्रालय अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बना रहा है।

सूत्र ने कहा, ‘‘हम प्रतिक्रियात्मक रवैया नहीं अपना सकते। हालात बिगड़ने का इंतजार करके बाद में दखल देना हमारे लिए संभव नहीं है। एसओपी के जरिए तैयारी के चरण से ही निगरानी की जा सकेगी। ’’

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि एसओपी कब तक तैयार होगी लेकिन इसमें कुछ सप्ताह लगने की उम्मीद है।

खेल मंत्री मनसुख मांडविया की हाल में हुई बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया जिसमें उन्होंने पिछले सप्ताह हुई अव्यवस्था को लेकर साई अधिकारियों से जवाब मांगा था।

इंडिया ओपन में हुई अव्यवस्था ने देश के लिए एक ‘धारणा संकट’ पैदा कर दिया है जो 2036 ओलंपिक की बोली के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।

भारत में अगली बड़ी प्रतियोगिता दो से 14 फरवरी तक दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में होने वाली एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (राइफल/पिस्टल) है। यह स्थल भी साई के अधीन है।

सूत्र ने कहा, ‘‘एसओपी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक मानकों का पालन हो। इसमें स्थल की स्वच्छता और सुरक्षा, पहुंच की सुविधा और उपयोगिताओं के रखरखाव पर खास ध्यान दिया जाएगा ताकि खिलाड़ियों के साथ ही दर्शकों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो। ’’

पिछले सप्ताह इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में फैली अव्यवस्था को लेकर साई की कड़ी आलोचना हुई थी। आईजी स्टेडियम में जब प्रतियोगिताएं नहीं हो रही होती, तब भी यह देश के जिम्नास्टों का प्रमुख ट्रेनिंग केंद्र है और यहां मुक्केबाजी शिविर भी लगाए जाते हैं।

मंत्रालय के सूत्र ने कहा कि वैश्विक प्रतियोगिताओं की मेजबानी की भारत की मंशा को देखते हुए देश को उससे जुड़ी कड़ी जांच के लिए तैयार रहना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘महत्वाकांक्षा का यही स्वाभाविक परिणाम होता है। हमें अपनी तैयारियों को साबित करना होगा, ना कि दूसरों से समझौते की उम्मीद करनी चाहिए। इसी वजह से भविष्य में मंत्रालय की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी। ’’

इस वर्ष भारत अप्रैल में अहमदाबाद में एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप और अगस्त में भुवनेश्वर में ‘वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट’ की भी मेजबानी करेगा।

अहमदाबाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी का इच्छुक है और यहीं पर 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया जाएगा।

भाषा नमिता पंत

पंत