कोलंबो: Match Fixing News Today श्रीलंका की एक अदालत ने एक भारतीय नागरिक को क्रिकेट मैच फिक्सिंग के 2024 के एक मामले में मंगलवार को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। योगी पटेल पर कैंडी में खेले गए लीजेंड्स लीग टी20 टूर्नामेंट में मैच फिक्स करने की पेशकश के आरोप लगे थे। उस पर श्रीलंका की चयन समिति के अध्यक्ष उपुल थरंगा की शिकायत के आधार पर आरोप लगाए गए थे।
Match Fixing News Today पटेल पर अदालत द्वारा यात्रा प्रतिबंध के बावजूद देश से भाग जाने के कारण उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया गया था। उसे पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था और बाद में कड़ी शर्तों के तहत मई में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
श्रीलंका ने 2019 में खेल संबंधी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम को अपनाया, जिसमें 10 साल तक की जेल की सजा और 5,50,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
योगी पटेल पर श्रीलंका में खेले गए लीजेंड्स लीग टी20 (2024) के दौरान मैच फिक्सिंग की पेशकश करने का आरोप था, जिसे अदालत ने सही पाया और चार साल की कठोर सजा सुनाई।
योगी पटेल को कब गिरफ्तार किया गया था?
योगी पटेल को मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मई 2024 में सख्त शर्तों पर जमानत मिल गई थी। बाद में अदालत की यात्रा पाबंदी के बावजूद वह देश से भाग गया, जिसके चलते मुकदमा उसकी अनुपस्थिति में चला।
श्रीलंका में मैच फिक्सिंग के खिलाफ क्या कानून है?
श्रीलंका ने 2019 में खेल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लागू किया, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 5,50,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इस मामले में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) की क्या भूमिका रही?
श्रीलंका क्रिकेट चयन समिति के अध्यक्ष उपुल थरंगा ने मैच फिक्सिंग की पेशकश की शिकायत की थी, जिसके आधार पर पटेल के खिलाफ कार्रवाई हुई।
क्या यह मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के दायरे में आता है?
हाँ, ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) इस तरह के मामलों पर नजर रखती है और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।